हिल्सा मछली ले जाने आरोप में पायलट के खिलाफ जांच

कोलकाता। एयर इंडिया प्रशासन ने एक पायलट के खिलाफ ढाका से कोलकाता के हिल्सा मछली ले जाने आरोप की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने उससे पूछा है कि जिस फ्लाइट से मछली ले जाने का आरोप है उसमें देरी क्यों हुई है। हालांकि, प्लेन के सिक्योरिटी स्टाफ ने इस बात की इजाजत नहीं दी लेकिन इस कारण प्लेन एक घंटा लेट हो गया था।
एयरलाइन्स से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि AI 229 विमान में रात करीब 9:15 पर 54 की बोर्डिंग के बाद उड़ाने का वक्त निकलता जा रहा था। तभी पता चला कि प्लेन के एक पायलट और ढाका में सिक्योरिटी स्टाफ के बीत बहस हो रही थी। बताया गया कि यह बहस एक पार्सल के बारे में था जिसे पायलट ले जाना चाह रहा था लेकिन स्टाफ इजाजत नहीं दे रहा था। वहां मौजूद लोगों ने दावा किया है कि उड़ाने से कुछ वक्त पहले एयरलाइन में काम करने वाला एक व्यक्ति पायलट को हिल्सा का आइस-पैक देकर गया था।
स्टाफ ने पार्सल ले केबिन में ले जाने से मना कर दिया। गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिल्सा का निर्यात प्रतिबंधित है। एयरलाइन से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि अगर वह पार्सल हिल्सा नहीं भी था तो भी उसे कार्गो के साथ जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि भारतीय नियमों के हिसाब से फल, सब्जियां, कच्ची मछली जैसे चीजें बिना लाइसेंस के नहीं ले जाए जा सकते। सिक्योरिटी ऑफिसर ने सख्त रवैया अपनाया और पायलट को बिना पार्सल के ही जहाज में जाना पड़ा।
यहां तक कि उसने टेक ऑफ से पहले एयरक्राफ्ट रिलीज सर्टिफिकेट पर दस्तखत भी नहीं किए गए। ढाका एयरपोर्ट पूछताछ करने पहुंचा और विमान को रोक लिया गया। पायलट ने बाद में दावा किया कि वह हिल्सा या कुछ और प्रतिबंधित सामान नहीं ले जा रहा था। ARC पर दस्तखत करने के बाद वह उड़ान के लिए पहुंचा। एक घंटे बाद 10:30 पर विमान ने उड़ान भरी।
-एजेंसियां

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