सकारात्मक सोच के साथ दें Interview: वैशाली राजपाल

संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को दिए Interview की सफलता के टिप्स

मथुरा। आज के समय में नौकरी की तलाश करते युवाओं के सामने Interview सबसे बड़ी समस्या होती है। साक्षात्कार के दौरान युवाओं के दिमाग में क्या करें, कैसे उत्तर दें आदि तरह-तरह के सवाल होते हैं। इन सारे सवालों का जवाब आप स्वयं हैं। साक्षात्कार के समय सकारात्मक सोच, आपको सफलता दिला सकती है उक्त बातें नार्थ बिजनेस सेल्स एसेस पीपुल सर्विसेज इंडिया प्रा.लि. नई दिल्ली की वैशाली राजपाल ने बुधवार को संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को बताईं।

वैशाली राजपाल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि आज के समय में किसी कम्पनी को केवल अच्छा काम ही नहीं बल्कि अच्छे प्रोफेशनल व्यवहार की भी अपेक्षा होती है इसलिए जब भी साक्षात्कार के लिए जाएं तो खुद को एक अच्छे और मंझे हुए प्रोफेशनल की तरह पेश करें। साक्षात्कार के समय आपकी फ्लुएंसी, विचारों में स्पष्टता, प्रजेंटेशन स्किल्स, लिशनिंग एबिलिटी, आपका दृष्टिकोण, बॉडी लैंग्वेज और आपका व्यवहार देखा जाता है। आपका आत्मविश्वास ही आपकी सफलता का मूलमंत्र है लिहाजा साक्षात्कार देने से पहले अपने मन से डर निकाल दें।

साक्षात्कार के समय आप अपना परिचय तो दें लेकिन आत्म प्रशंसा से जहां तक हो सके अवश्य बचें। जिस कम्पनी में नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं उसकी जानकारी आपको होनी चाहिए। यदि आपने कहीं कोई गलती की है तो उसे स्वीकारते हुए यह अहसास कराएं कि आपने अपनी गलतियों से सबक लिया है। किसी भी जाब में ईमानदारी और उत्तरदायित्व का बोध सबसे अहम होता है। इसमें संदेह नहीं कि साक्षात्कार लेने वाला आपकी व्यावसायिक योग्यता को समझने के साथ ही आपकी रुचि, आपके स्वभाव और विचारधारा को भी जानना चाहेगा लिहाजा अपनी बात को स्पष्ट कहें। आप कम्पनी पदाधिकारियों को अपने निजी गुणों से परिचित कराने के साथ ही यह भी अहसास कराएं कि आप अपने काम की जरूरतों और कम्पनी की नीतियों को समझ कर उसके अनुरूप काम करने को तैयार हैं। वैशाली राजपाल ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ अपनी कमजोरियों को ताकत बनाएं, इससे उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी।

डा. पाठक ने कहा कि असम्भव कुछ भी नहीं होता। अपने करियर को लेकर हमेशा सचेत रहें। इस अवसर पर प्लेसमेंट हेड रामकरन शर्मा, मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

इस अवसर पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का युग है। Interview मेें आपकी एक गलती आपको सफलता से वंचित कर सकती है लिहाजा आज जो कुछ भी बताया गया है उस पर सतत अभ्यास करें।