VHP के अंतर्राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने कहा, राम मंदिर के लिए न्यायिक प्रक्रिया से अब थक चुके हैं

शिमला। विश्व हिंदु परिषद VHP के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यपाल विष्णु सदाशिव कोकजे ने राम मंदिर के मुद्दे पर अहम बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए अब न्यायिक प्रक्रिया से थक चुके हैं। आठ सालों से तारीख पर तारीख पड़ रही है। मंदिर निर्माण के लिए अब जन-जागरण ही एक मात्र जरिया है। देश के सभी हिंदू जब एक होकर राम मंदिर निर्माण की आवाज उठाएंगे तभी मंदिर बन पाएगा।
कोकजे वीरवार को विश्व हिंदु परिषद की ओर से शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित शंखनाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित हुए थे। उन्होंने कहा कि संतों की उच्चाधिकार समिति की 5 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि राम मंदिर के मुद्दे पर न्यायालय के निर्णय का इंतजार न करते हुए हमें आंदोलन छेड़ना चाहिए। केंद्र सरकार पर भी इस विषय पर कानून बनाने के लिए दबाव बनाया जाए।
उन्होंने कहा आज आवश्यकता है कि सभी हिंदु अपनी भावनाओं को दबाएं नहीं, बल्कि उन्हें आंदोलनों के माध्यमों से जाहिर करें। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को चुनावी मुद्दा करार देना गलत है। देश में हर साल चुनाव हो रहे हैं, कई बार तो साल में दो से तीन बार चुनाव हो जाते हैं।
राम मंदिर के लिए 1984 में आंदोलन शुरू कर दिया गया था। 1950 में इस मामले पर न्यायालय में पहला मुकदमा भी हो गया था। चुनाव से इस मुद्दे का कोई संबंध नहीं है। इस मुद्दे पर सबसे पहले राष्ट्रपति को और इसके बाद सभी राज्यपालों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उम्मीद है कि 2019 के चुनावों से पहले इस मुद्दे पर कोई कानून बने।
जो हिंदुओं को गाली देते थे आज मठ मंदिरों में जा रहे हैं
कोकजे ने कहा कि जन-जागरण का ही परिणाम है कि जो कांग्रेसी हिंदुओं को पानी पी-पी कर गाली देते थे आज मंदिर और मठों में जाकर यह कह रहे हैं कि कांग्रेस भी राम मंदिर बनाने की पक्षधर है। हिंदु की उदारता को कमजोरी समझा जा रहा है इसलिए जनजागरण कर ताकत दिखाना जरूरी है ताकि न्यायालय और सरकारों तक आवाज पहुंच सके।
जन जागरण से न्यायपालिका तक पहुंचेगी आम लोगों की आवाज
न्यायालय जनता से कटे हुए हैं। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं जिससे न्यायालय जनता की आशा आकांक्षाओं को जान सकें। न्यायालय उनके सामने होने वाली बहस के आधार पर फैसले देते हैं। जन जागरण से न्यायालयों तक भी आम लोगों की आवाज पहुंचेगी। कांग्रेस ने तो न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा था कि राम एक काल्पनिक पात्र था। सबरीमला केस में यह सिद्ध हो गया कि न्यायालय को जनता की आस्थाओं का पता नहीं होता। वहां इतना बड़ा आंदोलन अब न्यायालय के फैसले के विरुद्ध चल रहा है।
केंद्र सरकार में नहीं इच्छाशक्ति की कमी
यह पूछने पर कि राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार अध्यादेश लाने में क्यों देरी कर रही है, कोकजे ने कहा कि हमें नहीं लगता केंद्र सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। राम मंदिर के कारण ही भाजपा सत्ता में आई है। मूल कारण यह है कि अगर वो कोई भी कानून बनाएंगे तो वह फिर से न्यायालय में जाएगा और हार देखनी पड़ेगी। इसलिए सरकार ऐसा कानून बनाना चाहती है जो न्यायालय में चुनौती देने पर भी सफल साबित हो।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »