देश में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय Osho महोत्सव का आयोजन

देश में पहली बार 11 से 13 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय Osho महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के आध्यात्म विभाग द्वारा यह आयोजन जबलपुर में कराया जा रहा है। इसी शहर में आचार्य रजनीश Osho ने अपने जीवन के 21 बरस गुजारे थे और यहीं पर मौलश्री के वृक्ष के नीचे उन्हें संबोधि प्राप्त हुई थी। इस वजह से जबलपुर को सिटी ऑफ ओशो भी कहा जाता है। प्रदेश सरकार इस आयोजन के माध्यम से जबलपुर को देश-दुनिया में पहचान दिलाने के प्रयास में जुटी है।
दुनियाभर में ओशो रजनीश प्रेमी और संन्यासी ओशो के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। ओशो एक क्रांतिकारी विचारक थे। उनके बारे में सबकी राय अलग-अलग है। अपने तर्कों से दकियानूसी समाज की जड़ें हिला देने वाले ओशो पूरी दुनिया में पढ़े और सुने जाते हैं लेकिन भारत में इससे पहले उनके दर्शन और आध्यात्म के प्रसार के लिए इस तरह का आयोजन करने के बारे में नहीं सोचा गया था। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने यह पहल की है।
11 दिसंबर को ओशो के जन्मदिवस के मौके पर इस आयोजन में शिकरकत करने के लिए देश के अलावा दुनियाभर से ओशो के अनुयायी जबलपुर पहुंचेंगे, जहां ओशो के व्यक्तित्व, उनके कृतित्व और आध्यात्मिक दर्शन का महाकुंभ सजेगा। जानी-मानी हस्तियां करेंगी शिरकत।
देवताल में स्थित ओशो आश्रम में इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव को लेकर खासा उत्साह है। 11 दिसंबर से शुरू हो रहे इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में तरंग ऑडिटोरियम में ओशो के संदेशों वाले व्याख्यान और ध्यान के कार्यक्रमों के अलावा कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसमें पहले दिन इंटरनेशनल ड्रमर शिव मणि प्रस्तुति देंगे, जबकि दूसरे दिन रेखा भारद्वाज का सूफी गायन होगा। महोत्सव में विशाल कवि सम्मेलन और बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर सुभाष घई की अध्यक्षता में ओशो फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन होगा।
-एजेंसियां

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