राजीव एकेडमी में एमबीए का कोर्स दे रहा अंतर्राष्ट्रीय Exposure

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा दिल्ली के एक होटल में आयोजित ललित संगोष्ठी में महामहिम राष्ट्रपति की मौजूदगी में लिया गया अंतर्राष्ट्रीय Exposure देने वाली राजीव एकेडमी का नाम
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल बोले-अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों में मिल रहे हैं उच्च पैकेज पर नियुक्ति पत्र

मथुरा। भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा दिल्ली के एक होटल में ललित संगोष्ठी का गत नवम्बर माह में आयोजन हुआ। इसमें उत्तर भारत के उद्योगों को प्रगति की ओर अग्रसर करने के लिए भारत के बड़े उद्योगों से तुलना की गई। इस संगोष्ठी में सरकार द्वारा उद्योगों को कई प्रकार की सहायता और सब्सिडी और स्वतंत्र व्यापार आदि की जानकारियां दी गईं। इस संगोष्ठी में सिडबी, आईडीबीआई, एसबीआई समेत कई फायनेंशियल संस्थाओं ने प्रतिभाग किया। राजीव एकेडमी एमबीए के छात्र-छात्राओं को स्वयं के ज्ञान और कद का अहसास हुआ जो कि काफी सुखद था। सभी छात्र-छात्राओं को महामहिम राष्ट्रपति की मौजूदगी में राजीव एकेडमी का नाम लेकर सम्बोधित किया जाना एक ऐतिहासिक क्षण था।

राजीव एकेडमी में अध्ययन कर रहे एमबीए के छात्र-छात्राओं में खास जुनून है। वे अपनी पढ़ाई से सम्बन्धित कोई ऐसा पल नहीं बीतने देते जिससे उन्हें अध्ययन में थोड़ी भी मद्द न मिलती हो। वे सभी चाहते हैं कि बड़ा Exposure हासिल कर किसी अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कम्पनी में उच्च पैकेज पर नौकरी प्राप्त करने का उन्हें अवसर मिल सके। चालू सत्र में एमबीए में प्रवेश के लिए आने वाले छात्र-छात्राएं राजीव एकेडमी की इसी विशेषता के बारे में बार-बार जानकारी ले रहें हैं और यहां प्रवेश चाह रहे हैं।

मैनेजमेंट और कारपोरेट जगत का खासा अनुभव रखने वाले राजीव एकेडमी के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सैना राजीव एकेडमी की विशेषताओं को छात्र-छात्राओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण बता रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान कम्पटीशन के युग में जहां छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा के साथ-साथ अच्छे पैकेज पर जाॅब की आवश्यकता है। उसी अनुपात में इस बात का भी अत्यधिक ध्यान रखना आवश्यक है कि उच्च-व्यावसायिक उपाधि के लिए अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं में कौन सा जज्बा है, अर्थात वह जाॅब करना पसन्द करता है या स्वयं का व्यावसायिक संस्थान खड़ा करने को इच्छुक है।

राजीव एकेडमी में एमबीए मेें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की इसी मनःस्थिति को ध्यान में रखकर विभागीय विश्लेषण करता है। जिससे अनावश्यक अवसाद सामने नहीं आता। सैद्धान्तिक शिक्षण के साथ-साथ छात्र-छात्राएं व्यावहारिक ज्ञान के लिए अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय सेमिनारों में शामिल होते हैं। जिससे छात्रों में स्वयं का आत्मविश्वास पैदा होता है और वे स्वयं के ज्ञान के बल पर प्रबंधन की तमाम बारीकियों से रूबरू होते हैं।

वैसे संस्थान में गैस्ट लेक्चर, कार्यशालाएं और संगोष्ठियां तो नियमित रुटीन में छात्र-छात्राएं अटेंड करते ही रहते हैं। समय-समय पर कारपोरेट जगत की जानी मानी हस्तियां भी यहां छात्र-छात्राओं के साथ अपने विचार साझा करके ज्ञान का आदान-प्रदान करती रहती हैं।
निदेशक डा. सक्सैना और विभागाध्यक्ष डा. विकास जैन छात्र-छात्राओं की हर प्रकार की स्किल्स को उच्चस्तरीय बनाने के लिए प्रयासरत हैं। वे इस सबके पीछे छात्र-छात्राओं की मेहनत और लगन को वरीयता दे रहे हैं। इस समय राजीव एकेडमी में एमबीए के लिए नवीन प्रवेश लेने वालों का तंाता लगा हुआ है।

आरके एजुकेशन ग्रुप के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल का कहना है कि राजीव एकेडमी के अनेकों छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त देशी व विदेशी कम्पनियों मे उच्च पैकेज पर नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिले हैं। इस सबके पीछे छात्र-छात्राओं द्वारा समर ट्रेनिंग में स्वयं के ज्ञान का सटीक प्रदर्शन व प्रोजेक्ट प्रेजेन्टेंशन है। जिससे कि छात्र-छात्राओं को सही दिशा मिल रही है और इसी कारण से एमबीए के छात्र-छात्राओं को अन्तर्राष्ट्रीय Exposure मिल रहा है, लगातार उन्हें बड़ी कम्पनियां जाॅब आॅफर कर रही हैं।

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