दिलचस्प प्रेम कहानी: 60 किलोमीटर चलकर शेरनी से मिलने आता है शेर, एक साल से जारी है डेटिंग

पंछी, नदिया, पवन के झोंके..कोई सरहद न इन्हें रोके…प्यार की कोई सीमा नहीं होती। कुछ इसी तर्ज पर जंगल के राजा कहे जाने वाले शेर की एक दिलचस्प प्रेम कहानी सामने आई है।
शेर का प्रेम कुछ ऐसा है कि वह 60 किलोमीटर से ज्यादा चलकर अपनी प्रेमिका शेरनी से ‘डेटिंग’ कर रहा है। गुजरात का यह युवा शेर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए प्रत्‍येक 15 दिन में एक बार 3 दोस्‍तों के साथ राजूला इलाके से सावरकुंडला के लिए रवाना होता है। मजेदार बात यह है कि शेर और शेरनी के इस प्‍यार में बाकी शेर ‘कबाब में हड्डी’ नहीं बनते हैं।
एक साल से जारी है डेटिंग
बताया जा रहा है कि आश्‍चर्यजनक तरीके से गर्लफ्रेंड से मिलने का यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है। युवा शेर का अपनी महबूबा के प्रति यह प्‍यार उसके शरीर पर लगे ट्रैकर और अमरेली जिले के राजुला और सावरकुंडला तालुका गांव के लोग बताते हैं। यही नहीं, ये चारों शेर 4-5 साल के हैं और इन्‍होंने इतने विशाल इलाके में अपना आधिपत्‍य स्‍थापित कर लिया है। इनके इस इलाके में भावनगर जिले का भी कुछ हिस्‍सा शामिल है।
‘कबाब में हड्डी’ नहीं बनते साथी शेर
ये चारों शेर दुंगार गांव से शुरू होकर लगातार एक जगह से दूसरी जगह पर जाते रहते हैं लेकिन सावरकुंडला पहुंचने पर चौथा शेर वहां रहने वाली एक शेरनी के साथ रुक जाता है। अमरेली में शेर पर नजर रखने वाले वन विभाग में काम कर चुके एक व्‍यक्ति ने कहा, ‘मजेदार बात यह है कि बाकी तीन शेर कबाब में हड्डी नहीं बनते हैं और अपने मित्र को उसकी महबूबा के साथ प्‍यार के निजी पल बिताने का पूरा मौका देते हैं।
चारों शेरों के बीच अच्‍छी दोस्‍ती
शेत्रुंजी रेंज के उप वन संरक्षक संदीप कुमार ने कहा, ‘यह सामान्‍य रूप से देखा गया है कि तीन से चार शेरों के बीच उस समय अच्‍छी दोस्‍ती हो गई जब वे यायावर जीवन बिता रहे थे। वे नए क्षेत्रों में गए और बड़े क्षेत्रों में घूमे लेकिन यह अल्‍पकालिक जुड़ाव है और इसी दौरान उन्‍हें एक शेरनी भी मिल गई है।’
बताया जा रहा है कि शेरनी गिर जंगल के धारी रेंज की रहने वाली है। एक साल पहले शेरनी राजुला के नजदीक दुंगार में रहने लगी।
चारों दोस्‍तों को देख फरार हो जाते हैं अन्‍य शेर
वन विभाग के ट्रैकर ने भी चारों शेरों के व्‍यवहार की पुष्टि की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन चारों शेरों का खौफ इलाके में इतना ज्‍यादा है कि अन्‍य शेर उन्‍हें अपने इलाके में देखते ही फरार हो जाते हैं। इन चारों शेरों ने अपने इलाके का विस्‍तार भावनगर जिले के तटीय इलाके महुआ तक कर लिया है। उनकी उग्रता को देखकर इलाके के अन्‍य शेर डरे हुए हैं। एक अन्‍य ट्रैकर ने कहा, ‘वडाल इलाके में एक शेर है लेकिन वह इन चारों शेरों को आता देखकर बहुत तेजी से सुरक्षित स्‍थान पर भाग जाता है।’
200 वर्ग किमी इलाके पर चारों शेरों का कब्‍जा
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को राजुला के धारेश्‍वर गांव में चारों शेरों को देखा गया था। सावरकुंडला के रहने वाले और शेर संरक्षण कार्यक्रम के हिस्‍सा रहे हिंमाशु भट्ट कहते हैं, ‘ऐसा हमने पहली बार देखा है कि शेरों का एक समूह 200 वर्ग किलोमीटर के इलाके में घूम रहा है।’ बता दें कि गुजरात के गिर जंगल एशियाई शेरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। गिर के जंगलों में करीब 600 शेर रहते हैं।
-एजेंसियां

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