मां के गिड़गिड़ाने पर बेटे की मौत का केस दर्ज करने वाला इंस्पेक्टर लाइनहाजिर

लखनऊ। गुड़म्बा में अवैध रूप से चल रही प्लाईवुड फैक्ट्री में युवक की मौत के मामले में मां के गिड़गिड़ाने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने वाले इंस्पेक्टर तेज प्रकाश सिंह को एसएसपी ने लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच प्रशिक्षु आईपीएस अभिषेक वर्मा को सौंपी गई है। इतना ही नहीं, जांच में दोषी मिलने पर विभागीय कार्यवाही भी की जायेगी। उधर फैक्ट्री मालिक घटना के बाद से फरार हैं।
बीकेटी के बाराखेमपुर निवासी आकाश उर्फ टिंकू यादव (19) लालबाबू की प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता था। गुरुवार की रात कन्ट्रोलर फेल हो जाने से मशीन उसके ऊपर गिर गई थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने एक लाख रुपए देने का लालच देकर चुप रहने की धमकी दी थी। पुलिस ने कोई भी कार्यवाही नहीं की थी। नाराज लोगों ने कुर्सी रोड जाम करके प्रदर्शन किया था। आकाश की मां लज्जावती रिपोर्ट न लिखने पर गुड़म्बा इंस्पेक्टर के पैर पर गिर गई थी लेकिन वह संवेदनहीन बने बैठे रहे थे। काफी मशक्कत के बाद एफआईआर लिखी गई थी। यह खबर शनिवार को अखबारों में प्रकाशित होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद ही एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इंस्पेक्टर तेज प्रकाश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
आज दर्ज करेंगे बयान: इस प्रकरण की जांच आईपीएस अभिषेक वर्मा को सौंपी गई है। अभिषेक के मुताबिक रविवार को इस सम्बन्ध में पीड़ित परिवार और आरोपी इंस्पेक्टर के बयान दर्ज किये जायेंगे। साथ ही मौका मुआयना भी किया जायेगा। दो दिन में वह अपनी रिपोर्ट एसएसपी को दे देंगे। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी।
बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्ट्री, बीट इंचार्ज सस्पेंड
जिस प्लाईवुड फैक्ट्री में युवक की मौत हुई, वह लम्बे समय से वन विभाग के कर्मचारियों और पुलिस की साठगांठ से बिना लाइसेंस के ही फर्जी तरीके से चल रही थी। हादसे के बाद वन विभाग नींद से जागा और डीएफओ से जांच करायी गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अब वन विभाग के बीट इंचार्ज दिलीप कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। इसमें शामिल अन्य वन कर्मचारियों की भूमिका खंगाली जा रही है। अवध क्षेत्र के वनाधिकारी मनोज सोनकर ने बताया कि जांच में पता चला कि बिना लाइसेंस प्लाईवुड फैक्ट्री में सनमाइका मशीन का इस्तेमाल हो रहा था। गुडंबा बीट इंचार्ज दिलीप कुमार सिंह को सस्पेंड करते हुए जांच रिपोर्ट शनिवार को भेज दी गई। शहर में कई ऐसी फैक्ट्री निशाने पर है जो बिना लाइसेंस चल रही हैं, ऐसे फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ जांच कराकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
श्रम विभाग के अधिकारी भी जांच करने पहुंचे
मजदूर की मौत की जांच करने श्रम विभाग उपनिदेशक कारखाना धर्मेंद्र प्रताप सिंह तोमर व सहायक निदेशक कारखाना टीना भाटिया प्लाई फैक्ट्री पहुंचे। उपनिदेशक श्री तोमर को प्लाई फैक्ट्री के अजय गुप्ता ने मोबाइल पर बताया कि उनका कारखाना फैक्ट्री एक्ट में नहीं आता है। क्योंकि उनके यहां दो से तीन ही मजदूर काम करते हैं। नगर निगम की सीमा से बाहर होने के कारण शॉप एक्ट भी नहीं लागू होता है। अजय ने जिला उद्योग केंद्र व वाणिज्य कर में पंजीकृत है। उपनिदेशक ने बताया कि अजय गुप्ता से पंजीकृत से सम्बंधित कागजात दिखाने को कहा गया है। उपनिदेशक ने लोगों से अपील की है।कि अगर उनके पास फैक्ट्री में अधिक मजदूरों के काम करने के साक्ष्य हो तो श्रम विभाग के कार्यालय में दे सकते हैं।
-एजेंसियां

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