जम्मू-कश्मीर भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर पर आतंकी हमले के इनपुट, सुरक्षा बढ़ाई

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर भाजपा के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर के ऊपर आतंकी हमले के इनपुट म‍िलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ठाकुर की सुरक्षा बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर अल बदर संगठन के पाकिस्तानी आतंकी इस साजिश को अंजाम दे सकते हैं। आतंकी पुलिस की वर्दी में भी हमला कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस ने अल्ताफ ठाकुर की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनके घर के बाहर भी सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं। उन्हें एहतियात बरतने को कहा है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने ठाकुर को अनिर्धारित दौरों से परहेज करने को कहा है ताकि उनकी सुरक्षा में कोई चूक न हो। उनसे कहा गया है कि अगर उनका कोई निर्धारित दौरा है तो उससे पहले वह पुलिस को इसकी सूचना दें ताकि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।

अल्ताफ ने घाटी में भाजपा को मजबूत बनाया
अलताफ ठाकुर ने वर्ष 2002 से भाजपा की पकड़ घाटी में मजबूत बनाई हुई है। अल्ताफ आतंकियों के गढ़ त्राल से संबंध रखते हैं, उसके बावजूद भी उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तिरंगे की शान को बरकरार रखा है। यही कारण है कि आतंकी उन्हें निशाना बना सकते हैं।

अल्ताफ ने घाटी में भाजपा को मजबूत बनाया
अलताफ ठाकुर ने वर्ष 2002 से भाजपा की पकड़ घाटी में मजबूत बनाई हुई है। अल्ताफ आतंकियों के गढ़ त्राल से संबंध रखते हैं, उसके बावजूद भी उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तिरंगे की शान को बरकरार रखा है। यही कारण है कि आतंकी उन्हें निशाना बना सकते हैं।

बता दें कि आतंकी तंजीमों के शीर्ष कमांडरों के सफाए और लगातार ध्वस्त हो रहे नेटवर्क से बौखलाए आतंकी नेताओं की हत्याओं करने पर आमादा हो गए हैं। कश्मीर घाटी में आतंकवाद के शुरुआती दिनों से लेकर हाल के वर्षों तक ज्यादातर सियासी हत्याएं चुनावी वर्ष में हुई हैं लेकिन आतंकी वारदातों का ऐसा सिलसिला अब बिना चुनाव के भी तेज हो गया है। एक महीने में चार हत्याएं हो चुकी हैं। भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या से एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी। घाटी में जम्हूरियत की मजबूती में जुटे नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर पंचायती नुमाइंदों पर पहले भी आतंकी हमले होते रहे हैं। 2011 से अब तक 19 पंचायती नुमाइंदों की हत्या की जा चुकी है।

– एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *