ब्राज़ील के जनजातीय क्षेत्र में घुसपैठ, आदिवासी नेता की हत्‍या से तनाव

ब्राज़ील के जनजातीय क्षेत्र में घुसपैठ, आदिवासी नेता की हत्‍या से तनाव
ब्राज़ील के जनजातीय क्षेत्र में घुसपैठ, आदिवासी नेता की हत्‍या से तनाव

उत्तर ब्राज़ील के सुदूर संरक्षित जनजातीय क्षेत्र में दाख़िल हुए दर्जनों सशस्त्र लोगों ने इलाक़े के एक नेता की हत्या कर दी.
अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है. आमापा राज्य के इस गांव में रहने वाले लोग डर की वजह से वहां से भाग गए हैं.
एक स्थानीय सामुदायिक नेता ने कहा कि वो इस इलाक़े को दोबारा हासिल करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे हिंसक झड़पों का ख़तरा बन सकता है. घटना के बाद इस क्षेत्र में पुलिस भेजी गई है.
अमेज़न के जंगलों में क़रीब 113 ऐसी जनजातियां हैं जिनका आधुनिक सभ्यता से संपर्क नहीं हुआ है. इन आदिम जनजातियों के बारे में अगर पता चल भी जाए तो उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं की जाती.
एक दूरी बनाकर ही उनपर नज़र रखी जाती है क्योंकि हमारी दुनिया की बीमारियों से संपर्क में आकर वे लुप्त हो सकती हैं.
सेना भेजने का अनुरोध
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ाएर बोलसोनारो कह चुके है कि वो संरक्षित इलाके के कुछ हिस्से को खनन के लिए खोलेंगे. इसके बाद से अमेज़न के इलाक़े में तनाव बढ़ गया है.
बोलसोनारो का कहना है कि जनजातीय क्षेत्र वहां रहने वाले लोगों की संख्या के मुक़ाबले काफ़ी बड़ा है. आलोचक आरोप लगाते हैं कि राष्ट्रपति अवैध खनन और संरक्षित इलाके के अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं.
वाजापी समुदाय के एक नेता जवारुवा वाजापी ने शनिवार को बताया कि खनन करने वालों ने मैरिरी गांव पर कब्ज़ा कर लिया है. उन्होंने ब्राज़ील की सरकार से इलाके में सेना भेजने की गुजारिश की.
हिंसा की आशंका
सीनेटर रोडोल्फ रोड्रिगेज़ को भेजे संदेश में जवारुवा वाजापी ने कहा, “उनके पास राइफ़लें और दूसरे हथियार हैं. हम ख़तरे में हैं. यहां संघर्ष और अधिक लोगों की जान जाने का ख़तरा है. मुझे लगता है कि वाजापी जल्दी ही कार्यवाही करेंगे.”
रोड्रिगेज़ की पार्टी बोलसोनारो सरकार का विरोध करती है. रोड्रिगेज़ ने बताया कि खनन करने वाले 50 लोगों ने संरक्षित इलाके में धावा बोल दिया है और स्थिति ‘बहुत गंभीर’ है.
उन्होंने एक स्थानीय अखबार से कहा, “आमापा संरक्षित क्षेत्र का निर्धारण होने के बाद से बीते 30 सालों में ये पहला हिंसक अतिक्रमण है. वहां खून बह सकता है.”
तनाव बढ़ने के बावजूद आदिम जनजातीय नेताओं की हत्या के मामले कम ही सामने आते हैं. मारे गए नेता की पहचान एमीरा वाजापी के तौर पर हुई है. उनका शव बुधवार को नदी के किनारे मिला था. उन पर चाकू से हमला करने के निशान थे.
शुरू हुई जांच
ब्राज़ील में आदिम जनजातियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था फ़ुनाइ ने शनिवार रात कहा कि पुलिस को इलाक़े की जांच के लिए भेजा गया है. संस्था ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की लेकिन कहा कि अभी ज़्यादा ब्योरा नहीं मिला है.
आमापा के छह लाख हेक्टेयर संरक्षित इलाक़े में दर्जनों गांव हैं जहां वाजापी समुदाय के क़रीब 12 सौ लोग रहते हैं. ये इलाक़ा फ्रेंच गुयाना के क़रीब है.
ओ ग्लोबो अख़बार के मुताबिक़ शनिवार को राष्ट्रपति बोलसोनारो ने कहा था कि जनजातीय क्षेत्र में से कुछ हिस्सा ‘बेहद संपन्न (खनिज के हिसाब से) है’ और वो चाहते हैं कि इसकी कीमत बढ़ाने के लिए साझेदारी के आधार पर यहां पड़ताल की जाए.
उन्होंने आमापा की घटना को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की.
ख़तरे में इलाक़ा
बोलसोनारो ने जनवरी में राष्ट्रपति पद संभाला है. उन्होंने जनजातीय लोगों को देश की बाक़ी जनसंख्या के साथ मिलाने का वादा किया है. वो उनके लिए क्षेत्र संरक्षित किए जाने पर सवाल उठाते रहे हैं.
वो संरक्षित इलाक़े के निर्धारण का काम फ़ुनाइ से लेकर कृषि मंत्रालय को सौंप चुके हैं. इस विवादित फ़ैसले को कृषि आधारित व्यापार से जुड़े शक्तिशाली समूह की जीत के तौर पर देखा जाता है.
अमेज़न के जंगलों में पेड़ों की कटाई के पैमाने को लेकर राष्ट्रपति पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था इबामा की आलोचना कर चुके हैं और नेशनल स्पेस इंस्टीट्यूट पर झूठ बोलने का आरोप लगा चुके हैं.
इस क्षेत्र में काम करने वालों का कहना है कि अगर संरक्षित इलाक़े के नियमों में छूट दी गई तो अमेज़न के वर्षावनों की बड़े पैमाने पर कटाई हो सकती है और आदिम जनजातियों के लोगों के अस्तित्व पर ख़तरा पैदा हो सकता है.
-BBC

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