कार्ति चिदंबरम के खिलाफ INX मीडिया केस में Indrani बनेंगी सरकारी गवाह

नई दिल्‍ली। कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आइएनएक्‍स मीडिया मामले में सरकारी गवाह बनने की Indrani mukerjia की याचिका पर सीबीआई ने शुक्रवार को नो ऑब्‍जेक्‍शन जारी कर दिया है। आगामी 23 मई को उन्‍हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। आइएनएक्‍स मीडिया घूस मामले में इंद्राणी मुखर्जी भी आरोपी हैं।

बता दें कि शीना बोरा (Sheena Bora) पीटर मुखर्जी की पत्‍‌नी इंद्राणी के पहले पति की बेटी थी। शीना बोरा की हत्या के आरोप में वर्ष 2015 में इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पूछताछ के बाद पुलिस ने पीटर मुखर्जी को गिरफ्तार किया था।

इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में मुंबई की भायखला जेल में बंद हैं। वर्ष 2012 में 24 अप्रैल को शीना बोरा की हत्या हुई थी। इस हत्‍या का खुलासा साल 2015 में हुआ, जब इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय को हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इंद्राणी पर आरोप है कि उसने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय के साथ मिलकर इंद्राणी बेटी शीना की हत्या कर दी थी।

गौरतलब है कि इसी साल 8 फरवरी को आईएनएक्स मीडिया घूस मामले में आरोपी व पूर्व मीडिया प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी ने सरकारी गवाह बनने के लिए कोर्ट में याचिका दी थी।

पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष सीबीआई जज सुनील कुमार राणा के समक्ष Indrani की मुंबई की भायखला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। उसने बताया कि वह इसमें सरकारी गवाह बनना चाहती है। कोर्ट के पूछने पर उसने बताया कि उसके पास कोई वकील नहीं है, इसलिये उसे वकील मुहैया करवाया जाए।

कोर्ट ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को सरकारी पर विचार करने का निर्देश दिया है। सीबीआई व ईडी ने आईएनएक्स मीडिया रिश्वत मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति, सीए भास्कर रमण व इंद्राणी मुखर्जी को आरोपी बनाया है।

चिदंबरम पर बेटे के जरिये रिश्वत 300 करोड़ लेने का आरोप
एजेंसी का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया समूह में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने के लिए चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया था और अपने बेटे कार्ति के जरिये 300 करोड़ से ज्यादा की घूस ली थी।

इंद्राणी बता चुकी है कि वह कार्ति चिदंबरम से मिली थी

पूछताछ में इंद्राणी बता चुकी है कि वह एफआईपीबी की मंजूरी के सिलसिले में कार्ति चिदंबरम से मिली थी। गौरतलब है कि पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित है, जबकि कार्ति जमानत पर बाहर हैं।

-एजेंसी

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