इंदौर में महिंद्रा बाजा SAE India 2019 के 12वें संस्करण का शुभारंभ

इंदौर। ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की पेशेवर संस्था, SAE India ने आज बहुप्रतीक्षित BAJA श्रृंखला के बारहवें संस्करण का शुभारंभ किया। इवेंट का फाइनल कार्यक्रम , टाइटल प्रायोजक महिंद्रा और लगभग 40 अन्य इंडस्ट्री प्रायोजकों के साथ, 24 से 27 जनवरी 2019 तक इंदौर के पास पीथमपुर में नैट्रिप स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
BAJA SAE India के लिए लगभग 363 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 201 टीमों को पारंपरिक एम-BAJA के लिए और 50 टीमों को वर्चुअल राउंड से ई-बाजा के लिए चुना गया। इसके बाद 28 जनवरी और 29 जनवरी 2019 को एचआर की बैठक होगी।
महिंद्रा बाजा एसएई इंडिया 2019 को भारत के सभी क्षेत्रों- पश्चिमी, उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व के साथ भारी प्रतिक्रिया मिली है।
चार दिवसीय कार्यक्रम में तकनीकी निरीक्षण, स्टै टिक इवैल्यू्एशन जैसे डिजाइन, लागत एंव बिक्री प्रस्तुति और डायनेमिक इवेन्ट्स जैसे एक्सीलेरेशन, सस्पें्शन एंव ट्रैक्श न, स्लेज पुल, और मैनुवर्बिलिटी यानी गतिशीलता शामिल होंगे। ई-बाजा के लिए दो घंटे का एन्ड्यूरेंस राउंड और एम-बाहा के लिए चार घंटे का एन्ड्यू रेंस राउंड क्रमशः 26 और 27 जनवरी 2019 को आयोजित किए जाएंगे।
बाजा एसएई इंडिया की एक उल्लेखनीय विशेषता है कि यह हर साल एक नई थीम को अपनाता है। इस वर्ष BAJA 2019 का विषय ‘एडवेंचर रीलोडेड’ है, जो नवोदित इंजीनियरों की लगन, कड़ी मेहनत एवं दृढ़ता और चुनौतियों से मुकाबला करने और अधिकतम प्रयास करने की उनकी क्षमता का जश्न मनाता है।
बाजा 2019 के समापन समारोह के लिए, देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्राप्त़ प्रविष्टियों को 2018 के जुलाई में चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब में आयोजित वर्चुअल राउंड में प्रदर्शित किया गया था, जहाँ उन्होंने उस बाहा बग्गी वाहन के लिए अपने डिजाइन प्रस्तुत किए थे, जिसे वे समापन कार्यक्रम के लिए डिज़ाइन करना चाहते थे।
क्वालिफ़ाइंग टीमों का चयन उनकी लिखित परीक्षा, कैड डिज़ाइन्स, सीएई विश्लेषण और रोल केज, सस्पेंशन, स्टीयरिंग और ब्रेक्स के डिजाइनों के गहन विश्लेषण और तुलना के माध्यम किया गया था। वर्चुअल BAJA में प्रस्तुत प्रविष्टियाँ वर्चुअल मॉक-अपथीं जो प्रतिभागियों द्वारा सटीक एवं विशिष्टई विवरणों के साथ बनाई जायेंगी। फाइनल राउंड में टीमें अपनी बग्गीप रेस कार का निर्माण करते हुए ऑटोमोबाइल से सम्बं धित अपने कौशल, समझ और जुनून का प्रदर्शन करेंगी।
इस अवसर पर, महिंद्रा इलेक्ट्रिक के सीईओ – महेश बाबू ने कहा, “हमारा मानना है कि बाहा एसएई इंडिया मोटर वाहन इंजीनियरिंग के लिए प्रतिभाओं का खजाना है और हमारे एसोसिएशन के माध्यम से, हम उद्योग के उज्ज्वल भविष्य के लिए कल के इन उज्ज्वल इंजीनियरों को मदद करने की उम्मीमद करते हैं।”
श्री बाबू ने आगे कहा कि “पिछले एक दशक में BAJA SAE के विकास से मैं विशेष रूप से प्रसन्न हूं। पारंपरिक से लेकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक में काफी विकास हुआ है। यह परिवर्तन लोकप्रिय ई-बाहा के आने के साथ स्पटष्टप दिख रहा है। महिंद्रा इलेक्ट्रिक में हमने एक संपूर्ण इलेक्ट्रिक बग्गी किट का निर्माण किया है जिसका उपयोग बाहा वाहनों में भी किया जा सकता है। मुझे यकीन है कि हम ग्रांउड पर एक जोरदार प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।”
गेब्रियल इंडिया लिमिटेड के सीनियर वीपी और सीओओ (सीवीआरबीयू), और बाहा एसएई इंडिया 2019, पीथमपुर के संयोजक श्री उमेश शाह ने कहा कि “बाहा एसएई इंडिया सैद्धांतिक और साथ ही व्यावहारिक ज्ञान से सुसज्जिहत छात्रों को एकजुट करता है। वे ऑटोमोबाइल के बारे में भावुक हैं औरवे डिजाइनिंग और मैन्यूरफैक्चरिंग के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हैं, जिनका उन्हें सामना करना है। केवल तकनीकी पहलुओं के अलावा, अपने अनुभवों के कारण जो छात्र बाहा में भाग लेते हैं, आमतौर पर वे अपने समकक्ष छात्रों से अधिक जानते हैं। उनका यह अनुभव इंजीनियरिंग प्रतिभा को निखारने का एक बुनियादी हिस्सा है जो ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के भविष्य को आकार देने के लिए जरूरी होगा।”
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत का लाभ लेने के लक्ष्यक के साथ BAJA SAEINDIA ने 2015 में ई-बाहा सीरिज शुरू की थी। जहां पारंपरिक BAJA वाहन, 10 एचपी ब्रिग्स और स्ट्रैटन गैसोलीन इंजन पर चलते हैं, जो सभी एम-BAJA टीमों के लिए समान है, तो वहीं ई-बाहा वाहन 6 किलोवाट की अधिकतम विद्युत शक्ति वाले इलेक्ट्रिक मोटर से चलेंगे और रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक द्वारा पॉवर प्राप्तन करेंगे। यहां, छात्र मोटर, कंट्रोलर और बैटरी लेने और अपना बैटरी मैनेजमेंट सिस्टयम डिजाइन करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस वर्ष हमने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता पर विचार करते हुए, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग क्षेत्र से अधिक छात्रों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।
BAJA एसएई इंडिया की बढ़ती लोकप्रियता के साथ, हर साल दो BAJA आयोजित होते हैं। एक बाहा मध्यप्रदेश के पीथमपुर में जारी है, दूसरा बाहा पंजाब में आईआईटी, रोपड़ में 8 मार्च से 10 मार्च 2019 तक आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम से 80 और टीमों को शामिल करने में मदद मिलेगी, जिनके पास भाग लेने का अवसर होगा।
BAJA SAEINDIA के बारे में
बाहा एसएई इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए एक शैक्षणिक प्रयास है, जो क्ला सरूम की शिक्षा प्रणाली से अलग तरह का है, जहां इंजीनियरिंग छात्र एक टीम के रूप में भाग ले सकते हैं। यह प्रयास उन्हें उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों की व्यावहारिक समझ देता है। मूल रूप से अमेरिका में यह इवेन्टा एसएई इंटरनेशनल द्वारा मिनी बाजा एसएई के रूप में शुरू किया गयाथा और आज यह कई देशों में आयोजित किया जा रहा है। भारत में इसे बाजा एसएई इंडिया के रूप में आयोजित किया जाता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की छात्र प्रतियोगिता है जिसमें पूरे देश के विश्वविद्यालयों की टीम एक ऑल टेरेन व्हीैकल (एटीवी) को डिज़ाइन करती है, उसका विश्लेषण करती है, उसको फैब्रिकेट और वैलिडेट करती है। इसका मूल्यांकन स्टेटिक, डायनामिक और एन्ड्यूतरेंस इवेन्ट्स की एक श्रृंखला जैसे डिजाइन, लागत मूल्यांकन, बिक्री प्रस्तुति, एक्सीनलेरेशन, मैन्यूवरबिलिटी, स्लेज पुल और मुख्य सहनशक्ति, के दौरान किया जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में, बाहा की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़ती लोकप्रियता को सार्थक बनाते हुए यह एक बड़ा कार्यक्रम बन गया है। यह युवा इंजीनियरिंग प्रतिभा के लिए एक प्लेरटफॉर्म के रूप में कार्य करता है ताकि वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें और बाधाओं और चुनौतियों पर काबू पाते हुए वास्तविक व्या वहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें, जो उनकी लंबी अवधि की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। ये इंजीनियर 4-व्हील वाले सिंगल-सीटर ऑल-टेरेन व्हीाकल की कल्पना, डिजाइन और फैब्रिकेट करते हुए ऑटोमोबाइल के प्रति अपने जुनून का प्रदर्शन करते हैं।
बाजा एसएई इंडिया की संचालन समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. पवन गोयनका के सक्षम नेतृत्व के अंतर्गत इस कार्यक्रम की स्थापना के बाद से ही महिंद्रा, इवेन्टक के आयोजन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। पिछले 9 वर्षों से, महिंद्रा सम्मापन (टाइटिल) देने वाला प्रायोजक है और इस वर्ष भी प्रायोजक बने रहने का गौरव प्राप्ते करेगा। इस कार्यक्रम के लिए अन्यक संस्थाटन और कंपनियां जैसे एआरएआई, अल्टेयर, आनंद ऑटोमोटिव्स, अंसिस, एवीएल, भारत पेट्रोलियम, बीकेटी, बॉश, ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन, चितकारा विश्वविद्यालय, कॉन्टिनेंटल, कॉम्पेज ऑटोमेशन सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, कमिन्स, एलिएशन, फौरेशिया, जीएम, आईएसी, आईकैट, आईटीडब्ल्यू चेमिन, आईआईटी रोपड़, लीयर, एलएंडटी, एलएनसीटी, मैथ वर्क्स, मेदांता हॉस्पितटल, एमपी कन्सॉल्टिंटग, नैट्रिप, ओयो रूम्सै, पद्मिनी इंजीनियरिंग, पावर इक्विथपमेंट, ट्रिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, रैडिसन होटेल्सट, थिंक क्रिएटिव सॉल्यूशंस लिमिटेड, वैरॉक, वी. जे. प्रोडक्शन और वुर्थ भी सफलतापूर्वक अपना समर्थन दे रहे हैं। यह कार्यक्रम सियाम, एसीएमए, एएसडीसी और एआईसीटीई द्वारा भी समर्थित है।
ई-बाजा के बारे में
ई-बाजा, बाजा एसएई इंडिया की संचालन समिति और संगठन समिति द्वारा शुरू किया गया एक इवेन्ट है जिसमें प्रति वर्ष इंजीनियरिंग के 1000 से अधिक छात्र शामिल होते हैं। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत का लाभ लेने के लक्ष्यय के साथ 2014 में श्री सुबोध मोरये के संयोजन में इस इवेन्ट्स की शुरूआत की गई थी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां इंजीनियरिंग के छात्रों को बाजा नियम पुस्तिका की ही डायनामिक्स पर एक विद्युत वाहन बनाने का अवसर प्राप्तह होता है, और विद्युत शक्ति के साथ जो कमाल यह वाहन दर्शाता है उसका भी अनुभव करने का मौका मिलता है। एक सत्र के दौरान, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महामहिम स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय समृद्धि के लिए इस प्लेसटफॉर्म का उपयोग करने का सुझाव दिया था। उनके विचारों से अभिभूत होकर आयोजन समिति ने ई-बाहा नामक अपने आठवें सत्र में एक नये सब-इवेन्टय को शामिल करने का निर्णय लिया। पारंपरिक बाजा पेट्रोल चालित एटीवी के बारे में है, तो ई-बाजा रिचार्जेबल लीथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक मोटर का प्रयोग करके बिजली से चलने वाले वाहनों के बारे में है।
ई-बाजा विद्युत संचालित बाहा एटीवी की अवधारणा है जो “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी” पर जोर देती है और जो देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस वर्ष हमारे पास ई-बाजा के लिए 50 टीमें हैं जिनमें हर टीम व्यक्तिगत रूप से क्वाालिफाई कर चुकी है।

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