पेप्सीको की चेयरमैन का पद संभालेंगी Indira Nooyi, दो दशक से रही हैं सीईओ

Indira Nooyi के बाद स्पेन के रामोन होंगे अगले पेप्सीको सीईओ

विश्व की प्रमुख ब्रीवरेज कंपनी पेप्सीको के सीईओ पद से Indira Nooyi ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। नूयी 12 साल से इस पद पर थी। भारतीय मूल की नूयी अब 2019 तक कंपनी की चेयरपर्सन के पद पर बनी रहेंगी।

2006 में बनी थी सीईओ

नूयी 2006 में कंपनी की पहली महिला सीईओ बनी थी। अब अक्टूबर में वो इस पद से विदा लेंगी। हालांकि इसके बाद भी वो कंपनी से जुड़ी रहेंगी। नूयी के स्थान पर कंपनी के अध्यक्ष रेमन लगॉर्टा सीईओ बनेंगे।

नहीं सोचा था पेप्सीको का सीईओ बनना

इंदिरा नूयी ने कहा कि भारत में पली- बड़ी होते वक्त उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वो विश्व की इतनी बड़ी कंपनी की सीईओ बनेंगी। 54 साल की नूयी ने कहा कि पेप्सीको फिलहाल मजबूत स्थिति में है और अभी इसके अच्छे दिन आने बाकी हैं।

चेन्नई में हुआ था जन्म

इंदिरा नूयी का जन्म चेन्नई में 1955 में हुआ था। उनके पिता स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और दादा जिला जज थे। उन्होंने मैनेजमेंट का कोर्स आईआईएम-कलकत्ता से पूरा किया। वर्ष 2001 में इंदिरा ने सीएफओ के तौर पर पेप्सिको ज्वाइन की है, तब से लेकर अब तक पेप्सिको का मुनाफा 2.7 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6.5 बिलियन डॉलर हो गया है।

इंदिरा ने पेप्सिको ज्चाइन करने से पहले कई महत्वपूर्ण पदों पर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप,आसिया ब्राउन बोवेरी,मोटोरोला,जॉनसन एंड जॉनसन और मेटुर बर्डसेल शामिल है। इंदिरा को टाइम मैगजीन में ‘दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची’ में 2007 और 2008 में जगह दी गई। उनकी इस उपलब्धि से देश का नाम ऊंचा हुआ।

पद्म विभूषण से हो चुकीं है सम्मानित

वर्ष 2007 में भारत सरकार ने इंदिरा को पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा था। इंदिरा गर्ल्स बैंड में लीड गिटारिस्ट के तौर पर अपना सहयोग देती थीं। वह ज्यादा पैसे कमाने के लिए कब्रिस्तान में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्य करती थीं। वहां उन्हें 50 सेंट मिलते थे। इंदिरा को कैरोके गाने का बहुत शौक है,इसलिए उन्होंने घर पर एक मशीन भी लगा रखी है।
-एजेंसी

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