चीन के एतराज पर भारत का जवाब: आतंकवाद पर दूसरा देश तय नहीं करेगा भारत का एजेंडा

चीन के एतराज के बावजूद नरेंद्र मोदी BRICS समिट में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की चिंता को दुनिया के सामने रख सकते हैं। फॉरेन मिनिस्ट्री में सेक्रेटरी (ईस्ट) प्रीति सरन ने रविवार को कहा, “इकोनॉमिक कोऑपरेशन के अलावा भी आपसी हित के कई मसले हैं, जैसे आतंकवाद का खतरा। ये भारत के लिए सबसे अहम मुद्दा है। ब्रिक्स लीडर्स इस पर बात करने के लिए बाध्य हैं।”
बता दें कि 9वीं ब्रिक्स समिट आज से 5 सितंबर तक चीन के शियामेन में होगी और बीजिंग को डर है कि भारत इसमें पाकिस्तान को आतंक का सरगना बता सकता है लिहाजा चीन ने भारत से ऐसा नहीं करने को कहा है।
-न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक प्रीति सरन ने कहा, “दुनिया में कुछ बदलाव आए हैं, जिन पर ब्रिक्स समिट में चर्चा होनी जरूरी है और मैं श्योर हूं कि ब्रिक्स लीडर्स इन पर बात करने को बाध्य हैं, इनमें आतंकवाद का खात्मा भी शामिल है, जो भारत के लिए सबसे अहम मुद्दा है।”
-“आतंकवाद का मसला पूरी इंटरनेशनल कम्युनिटी को प्रभावित कर रहा है। ब्रिक्स देश (ब्राजील-रूस-इंडिया, चीन-साउथ अफ्रीका) खुद भी इससे पीड़ित हैं। पिछली ब्रिक्स समिट अक्टूबर 2016 में गोवा में हुई थी, उसमें भारत ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया था और मुझे भरोसा है कि इस बार भी इस पर बात होगी। भारत इस समिट को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इसीलिए आतंकवाद पर कुछ सख्त मैसेज देना चाहता है।” बता दें कि पिछली ब्रिक्स समिट में मोदी ने पाकिस्तान को ‘मदरशिप ऑफ टेररिज्म’ कहा था।
हम अपने करीबी सहयोगी की आलोचना बर्दाश्त नहीं करेंगे: चीन
-चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग ने कहा था, “आतंकवाद पर पाकिस्तान का रवैया ब्रिक्स समिट के लिए सही मुद्दा नहीं है। हमें मालुम है कि भारत की कुछ चिंताएं हैं, लेकिन ये मुद्दा उठाने पर समिट अपने मकसद से भटक सकती है। चीन अपने करीब सहयोगी की किसी भी तरह की आलोचना को बर्दाश्त नहीं करेगा। वैसे पाक खुद भी आतंकवाद से पीड़ित है।”
हमारा एजेंडा हम ही तय करेंगे: भारत
-इससे पहले इंडियन फॉरेन मिनिस्टर के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने कहा था, “यह तय करना किसी देश की जिम्मेदारी नहीं है कि दूसरे देश का एजेंडा क्या होगा। चीन ऐसा करके दूसरों के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रहा है। हर देश अपनी बात रखने को आजाद है। कोई देश क्या बात करेगा, यह कोई दूसरा देश तय नहीं करेगा।”
क्या है 9वें ब्रिक्स समिट की थीम?
-समिट की थीम बेहतर भविष्य के लिए मजबूत साझेदारी है। इस दौरान इकोनॉमिक, पॉलिटिकल और सिक्युरिटी के लिए सहयोग पर चर्चा होगी।
-थाईलैंड, मैक्सिको, मिस्र, ताजिकिस्तान और गिनी इस समिट के ऑब्जर्वर नेशन हैं।
2009 में हुई थी पहली समिट
-ब्रिक की पहली समिट रूस में हुई थी। तब चार मेंबर ब्राजील, रूस, भारत और चीन थे। 2010 में साउथ अफ्रीका शामिल हुआ। तब यह ब्रिक से ब्रिक्स हो गया।
-42% आबादी है ब्रिक्स देशों में पूरी दुनिया की।
-23% हिस्सा दुनिया की जीडीपी में ब्रिक्स देशों का।
-17% हिस्सा दुनिया के ट्रेड का ब्रिक्स देशों में।
-एजेंसी