भारत की जरूरतें पहले, वैक्सीन को लेकर फ‍िलहाल अन्य देश धैर्य रखें: पूनावाला

नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया  (Serum Institute of India) के सीईओ अदार पूनावाला ने रविवार को कोरोना वैक्सीन Covaxine की आपूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे देशों को धैर्य रखने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि कंपनी भारत की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए निर्देश दिया गया है। भारत की आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा, कंपनी बाकी दुनिया की जरूरतों को भी पूरा करने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह बात ट्वीट करके कही। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि सीरम हर महीने सात से आठ करोड़ खुराक बनाता है और भारत और विदेशों में वितरण के लिए योजना बनाई जा रही है।

पूनावाला कहा था कि कई देशों ने भारत और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से सीरम इंस्टीट्यूट से उनके देशों को टीके की आपूर्ति करने के लिए आग्रह किया है और वे सभी की मांग पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें अपनी जनसंख्या और देश का भी ध्यान रखना होगा। हम अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका को वैक्सीन की आपूर्ति करने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक एक करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है। देश में 16 जनवरी को टीकाकरण की शुरुआत हुई थी।

15 फरवरी को डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन उपयोग की मंजूरी प्रदान की

गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कोरोना टीके को सीरम इंस्टीट्यूट को कोविशील्ड के नाम से तैयार किया है। इस वैक्सीन को 15 फरवरी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आपातकालीन उपयोग की मंजूरी प्रदान की। दक्षिण कोरिया की एस्ट्राजेनेका-एसकेबायो इस वैक्सीन को बना रही है। इस मंजूरी के बाद महामारी से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सहायता से दुनियाभर के देशों में वैक्सीन की लाखों डोज पहुंच सकेंगी। डब्ल्यूएचओ वैक्सीन को अनुमोदित या विनियमित नहीं करता है। जिन देशों में दवा नियामक व्यवस्था मजबूत नहीं है, उनके लिए वह वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव का आकलन करता है।
– एजेंसी

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