लखनऊ में बनेगा देश का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी कमांड हॉस्पिटल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब देश का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी कमांड हॉस्पिटल बनने जा रहा है। गत दिवस देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने छावनी में बेस अस्पताल की जमीन पर 500 करोड़ रुपये की लागत से कमान अस्पताल के निर्माण के लिए आयोजित भूमिपूजन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी मौजूद रहे। इस अस्पताल का निर्माण कार्य जुलाई से शुरू हो जाएगा, आने वाले चार सालों में इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अस्पताल निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय ने दिए 500 करोड़ रुपए
4 सालों में बनकर तैयार होने वाले इस सुपर स्पेशियलिटी मध्य कमांड हॉस्पिटल के लिए रक्षा मंत्रालय की तरफ से 500 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत हर साल 125 करोड़ पर अस्पताल के निर्माण के लिए दिए जाएंगे। सात राज्यों तक अपने 22 सैन्य स्टेशनों वाले मध्य कमान के वर्तमान अस्पताल को अपग्रेड करने की योजना कुछ बाधाओं के चलते पिछले 20 साल से लंबित थी लेकिन अब इसके निर्माण की सारी बाधाएं दूर कर दी गई हैं।
हर ब्लॉक पर कराई जा सकेगी हेलिकॉप्टर की लैंडिंग
बेस अस्पताल की 40 एकड़ वाली खाली भूमि पर बनने वाले नए सुपर स्पेशियलिटी कमांड अस्पताल की इमारत 17 मंजिला होगी। अस्पताल में 788 जर्नल व 100 इमरजेंसी बेड की व्यवस्था होगी, जहां 6 लाख जवानों को एक साथ उपचार देने का काम किया जाएगा। अस्पताल में कुल 6 अलग-अलग ब्लॉक होने के साथ उन ब्लॉक्स पर 6 हेलीपैड की सुविधा मौजूद रहेगी, जिन पर एयर एम्बुलेंस व अन्य हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई जा सकेगी। इसके अलावा अस्पताल में 750 कारों की क्षमता वाली पार्किंग बना कर तैयार की जाएगी। सेना ने यहां पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा है, यहां के पेड़ों को काटने की जगह रीलोकेट किया जा रहा है।
सुपर स्पेशियलिटी कमांड हॉस्पिटल के भीतर होंगी ये सुविधाएं
4 साल में तैयार होने वाले इस सुपर स्पेशियलिटी कमांड हॉस्पिटल के भीतर मौजूद सुविधाओं की यदि बात करें तो अस्पताल की पहली मंजिल पर लैब होंगी और उसके बगल में 6 ब्लॉक होंगे। जिनमें ए ब्लॉक में इमरजेंसी, पॉलीक्लीनिक, पीडियाट्रिक्स, रेस्पिरेटरी, न्यूरोलॉजी के वार्ड होंगे। बी ब्लॉक में रेडिएशन थेरेपी, आंकोलोजी, यूरोलॉजी विभाग और वार्ड होंगे। सी ब्लॉक में ऑपरेशन थिएटर, पैथोलोजी, एनेस्थेसिया, कार्डियोलोजी, आइसीयू और उनके वार्ड शामिल होंगे। डी ब्लॉक में बर्न सेंटर, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, न्यूरोलॉजी, क्राइसिस वार्ड होंगे। ई ब्लॉक में रिहेबिलिटेशन, साइकेट्री, आंख, ईएनटी, गैस्ट्रोएंट्रोलोजी, नेफ्रोलोजी की सुविधाएं होंगी और वहीं एफ ब्लॉक में रिसेप्शन, रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक कार्यों को किया जाएगा। इसी के साथ दूसरी मंजिल पर आइसीयू, तीसरी से 17वीं मंजिल तक जवानों, जेसीओ और सैन्य अधिकारियों व उनके परिवारीजनों के लिए विभागवार वार्ड होंगे।
-एजेंसियां

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