चीन से चल रहे तनाव के बीच भारत की अमेरिका से LEMOA के तहत अहम डील

नई दिल्‍ली। लद्दाख में चीन से चल रहे तनाव के बीच भारत ने अमेरिका से एक अहम डील की है। इसमें लद्दाख में तैनात जवानों के लिए सर्दियों से जुड़ा जरूरी सामान (युद्ध संबंधी किट्स) तत्काल आधार पर खरीदा खरीदा गया है।
बताया गया है कि यह तनाव के बीच सर्दियों में तैनाती के लिए जरूरी था क्योंकि अब धीरे-धीरे तापमान -30 डिग्री तक चला जाएगा। भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम समझौते (LEMOA) के तहत खरीदा गया है, जो दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच लॉजिस्टिकल सपोर्ट, आपूर्ति और सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है।
दरअसल, लद्दाख में जारी तनाव को कई महीने बीत चुके हैं। दोनों ही देशों ने हजारों जवानों, टैंक, मिसाइल आदि को इस बॉर्डर के आसपास तैनात कर दिया है। दोनों ही देशों के फाइटर जेट्स स्टैंड बाय मोड पर हैं। फिलहाल बातचीत जारी है लेकिन चीन अपनी गलतियां मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में विवाद सर्दियों से आगे खिंचता दिख रहा है। यानी जवानों को वहीं तैनात रहना होगा जहां 15000 फीट की ऊंचाई पर तापमान -30 डिग्री तक चला जाता है।
अब तक यूरोप और चीन से खरीदी जाती थीं युद्ध संबंधी किट्स
अब तक भारत युद्ध से संबंधित ऐसी किट्स के लिए यूरोप या चीन पर निर्भर था लेकिन अब अमेरिका भी इस लिस्ट में शामिल है। भारत और अमेरिका ने पहले ही साजो-सामान की सहायता से जुड़ा समझौता किया हुआ है। इसमें एक दूसरे से तेल, युद्धपोत और एयर क्राफ्ट्स के पार्ट्स खरीदे जा सकते हैं। यह समझौता अगस्त 2016 में साइन हुआ था।
अगले हफ्ते हो सकती है भारत-चीन कोर कमांडर्स की 8वीं बैठक
भारत और चीन के बीच बॉर्डर विवाद सुलझाने के लिए कोर कमांडर्स की सात बैठक हो चुकी हैं लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला है। अब इस हफ्ते भारत-चीन कोर कमांडर्स की 8वीं बैठक हो सकती है। सातवी बैठक के बाद दोनों पक्ष बातचीत के जरिए गतिरोध को सुलझाने के लिए राजी हुए थे और आगे भी सैन्य और राजनयिक चैनलों के जरिए संवाद करने को लेकर सहमति जताई थी।
लगातार लद्दाख भेजा जा रहा सामान
चीन से सीमा विवाद को देखते हुए लद्दाख में जवानों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। हर साल नवंबर तक लद्दाख में रसद, हथियार, गोला-बारूद का 6 महीने के लिए स्टॉक रख लिया जाता है क्योंकि बर्फबारी शुरू होते ही सड़क मार्ग का संपर्क लेह से कट जाता है। ऐसे में लगातार श्रीनगर और मनाली के रास्ते भारतीय सेना के ट्रक रसद लेकर लद्दाख की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर और चिनूक को भी सप्लाई के काम में लगाया गया है। वहीं भारतीय वायुसेना ने भी अपनी कमर कस ली है, जिस वजह से सुखोई, मिराज, मिग, राफेल जैसे विमानों को अग्रिम एयरबेसों पर उतारा जा रहा है।
लद्दाख बॉर्डर पर पकड़ा गया चीनी सैनिक, पूछताछ में जुटी भारतीय सेना
भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच डेमचॉक सेक्‍टर में हलचल हुई है। वहां पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के एक सैनिक को भारतीय सेना ने पकड़ा है।
वह चीनी सेना में कॉरपोरल रैंक में है, जिसे डेमचॉक एरिया में हिरासत में लिया गया। आज सुबह चीनी सैनिक को भारतीय साइड में पकड़ा गया। बाद में चीन सेना की तरफ से भारतीय सेना को बताया गया कि उनका एक सैनिक मिसिंग है और भारतीय सेना से उसे ढूंढ़ने की रिक्वेस्ट भी की गई। हालांकि भारतीय सेना तब तक उसे हिरासत में ले चुकी थी।
प्रोटोकॉल के अनुसार सौंप दिया जाएगा वापस
काफी खोजने के बाद भारतीय सेना को चीनी सैनिक मिला। वहां की बेहद खराब वेदर कंडीशन में उसे सुरक्षित रखने के लिए उसे खाना दिया गया, गर्म कपड़े दिए गए और ऑक्सीजन दी गई। उसकी पहचान चीनी सेना में कॉरपोरल वांग यालांग के तौर पर हुई है। अभी वह चीनी सैनिक भारतीय सेना की हिरासत में है। जिससे पूछताछ की जा रही है। चीनी सैनिक को प्रोटोकॉल के हिसाब से जरूरी प्रक्रिया पूरे करने के बाद चुशूल-मॉल्डो बीपीएम पॉइंट से वापस चीनी सेना को सौंपा जाएगा।
आमने-सामने हैं दोनों देशों की सेनाएं
भारत और चीन की सेनाएं अप्रैल-मई से आमने-सामने हैं। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल के कई पॉइंट्स पर दोनों तरफ से तनातनी है। मुख्‍य तनाव बिंदुओं में डेमचॉक के अलावा पैंगोंग झील का उत्‍तरी और दक्षिणी तट, देपसांग का मैदानी इलाका शामिल हैं। सीमा पर दोनों तरफ से भारी संख्‍या में जवानों की तैनाती है। ऐसे वक्‍त में किसी चीनी सैनिक का अनजाने में सीमा पार करके चले आना बड़ी घटना है।
भारत दिखाता आया है बड़ा दिल
दोनों देशों के बीच की सीमाएं तय न होने की वजह से अक्‍सर ऐसे वाकये होते रहते हैं। भारत अनजाने में सीमा पार कर आए चीनी नागरिकों को सकुशल वापस भेजने में हिचकता नहीं। इसी तनाव के बीच एक चीनी जोड़ा रास्‍ता भटक गया था। सेना ने न सिर्फ उनको रास्‍ता दिखाया, बल्कि खाना खिलाया और पूरे वक्‍त उनका ध्‍यान रखा।
प्रोटोकॉल के अनुसार अगर कोई अनजाने में सीमा पार करता है तो उसे पूछताछ के बाद वापस सौंप दिया जाता है। हालांकि चीन इस मामले में भी तिकड़मबाजी से बाज नहीं आता। पिछले महीने अरुणाचल प्रदेश के पांच युवा लापता हो गए थे। पूरा शक था कि चीन ने पकड़ रखा है। पहले तो चीन ने कुछ नहीं कहा। बाद में उन्‍हें छोड़ दिया।
-एजेंसियां

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