भारत के 13 बीचेज को जल्द ही मिलेगा ‘ब्लू फ्लैग बीच’का दर्जा

नई दिल्ली। इको फ्रेंडली, साफ-सुथरे और अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित पर्यटन सुविधाओं से युक्त भारत के 13 बीचेज को ‘ब्लू फ्लैग बीच’का दर्जा जल्द मिलेगा।
ओडिशा, महाराष्ट्र और अन्य तटीय राज्यों के ये बीच न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे एशिया में ब्लू फ्लैग बीच का दर्जा पाने वाले पहले समुद्र तट होंगे। समुद्र तटीय क्षेत्रों के प्रबंधन के क्षेत्र में पर्यावरण मंत्रालय के अंडर काम करने वाली संस्था ‘सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटिड कोस्टल मैनेजमेंट’ (SICM) की देखरेख में भारत के समुद्र तटों को ब्लू फ्लैग मानकों के मुताबिक विकसित किया जा रहा है।
सुविधाओं से लैस होंगे ये बीच
SICM के परियोजना अधिकारी अरविंद नौटियाल ने बताया कि बीचेज को पर्यावरण और पर्यटन हितैषी बनाने के लिए ‘ब्लू फ्लैग बीच’ मानकों के तहत संबद्ध समु्द्र तट को प्लास्टिक मुक्त, गंदगी मुक्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से लैस करने, सैलानियों के लिए साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने और समुद्र तट के आसपास पर्यावरणीय प्रभावों के अध्ययन की सुविधाओं से लैस करना होता है।
एशिया में नहीं है एक भी ब्लू फ्लैग बीच
एशिया में अभी एक भी ‘ब्लू फ्लैग बीच’ नहीं है। ब्लू फ्लैग बीच के मानकों का निर्धारण डेनमार्क के कोपनहेगन स्थित फांउडेशन फॉर इन्वाइरनमेंट एजुकेशन (FEE) द्वारा 1985 में किया गया था। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए चार क्षेत्रों में 33 मानकों वाले ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू कर 2 साल के भीतर समूचे यूरोप में लगभग सभी समुद्र तटों को इस तमगे से लैस कर दिया गया। यह मुहिम साल 2001 में यूरोप के बाहर दक्षिण अफ्रीका पहुंची। हालांकि एशिया महाद्वीप अभी तक इससे अछूता था। पर्यावरण मंत्रालय ने भारत में ‘ब्लू फ्लैग बीच’ के मानकों के मुताबिक समुद्र तटों को विकसित करने का पायलट प्रॉजेक्ट दिसंबर 2017 में शुरू किया था।
इन बीचेज को मिलेगा तमगा
– उड़ीसा में कोणार्क तट पर चंद्रभागा बीच
– महाराष्ट्र का अरावले, चिवला और भोगवे बीच
– पुद्दुचेरी, गोवा, दमन दीव, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार से एक-एक बीच
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »