दोगुनी हुई भारतीय राफेल की मारक क्षमता, भारतीय वायुसेना ने MBDA से SCALP का सॉफ्टवेयर री-कैलिबरेट कराया

नई दिल्‍ली। भारत का राफेल लड़ाकू विमान पहले से और घातक हो गया है। इसमें लगी SCALP मिसाइल की मारक क्षमता 2,000 मीटर बढ़ गई है। भारतीय वायुसेना IAF ने फ्रांसीसी मिसाइल मैनुफैक्‍चरर MBDA से SCALP का सॉफ्टवेयर री-कैलिबरेट कराया है।
यह यह लॉन्‍ग-रेंज, एयर-लॉन्‍च्‍ड क्रूज मिसाइल समुद्रतल से 4,000 मीटर ऊंचाई पर मौजूद टारगेट को उड़ा सकती है। आसान भाषा में कहें तो पहले के 2,000 मीटर के मुकाबले अब IAF का राफेल पहाड़ी और ऊंचे पठार वाले इलाकों में 4,000 मीटर ऊपर स्थित टारगेट को बर्बाद कर सकता है। इस मिसाइल की रेंज 300 किलोमीटर से ज्‍यादा है। 450 किलो वजन वाली यह मिसाइल IAF के राफेल पैकेज का हिस्‍सा है।
अगले तीन राफेल जेट्स का बैच गणतंत्र दिवस 2021 के बाद आने की संभावना है। सभी 36 एयरक्राफ्ट की फ्लीट अगले साल के आखिर तक आ जाएगी। इस लड़ाकू विमान की एक स्‍क्‍वाड्रन अंबाला एयरबेस पर तैनात है जबकि दूसरी हासीमारा एयरबेस पर तैनात होगी।
घातक मिसाइलों से लैस हैं राफेल जेट्स
भारत में जो राफेल आए हैं, उनके साथ SCALP डीप-स्‍ट्राइक क्रूज मिसाइल्‍स के अलावा Meteor बियांड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल और MICA मल्‍टी मिशन एयर-टू-एयर मिसाइल भी लगी हैं। इससे IAF के जांबाजों को हवा और जमीन पर टारगेट्स को उड़ाने की जबर्दस्‍त क्षमता हासिल हो चुकी है। Meteor मिसाइलें नो-एस्‍केप जोन के साथ आती हैं यानी इनसे बचा नहीं जा सकता। यह फिलहाल मौजूद मीडियम रेंज की एयर-टू-एयर मिसाइलों से तीन गुना ज्‍यादा ताकतवर हैं। इस मिसाइल सिस्‍टम के साथ एक खास रॉकेट मोटर लगा है जो इसे 120 किलोमीटर की रेंज देता है।
HAMMER मिसाइल का भी हुआ था फ्लाइट टेस्‍ट
IAF ने राफेल जेट के लिए HAMMER नाम के खास वेपन सिस्‍टम की मांग की है। HAMMER यानी हाइली एजाइल एंड मैनोवरेबल म्यूनिशन एक्‍सटेंडेड रेंज वाली मिसाइल। इसी महीने, दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में HAMMER मिसाइल के एक टन वजनी संस्‍करण का फ्लाइट टेस्‍ट किया गया था। यह एक गाइडेड मिसाइल की तरह भी काम करती है और बम की तरह भी। मिसाइल की रेंज 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर तक हो सकती है। इसे कम ऊंचाई और पहाड़ी इलाकों में अपना शिकार ढूंढने में महारत हासिल है।
-एजेंसियां

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