इंडियन नेवी ने इजराइल से स्मैश 2000 प्लस फायर कंट्रोल सिस्टम खरीदने के सौदे को मंजूरी दी

नई दिल्‍ली। इंडियन नेवी ने इजराइल से स्मैश 2000 प्लस फायर कंट्रोल सिस्टम खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है। नेवी के मुताबिक यह नया सिस्टम (SMASH 2000) दुश्मन के ड्रोन हमले या उससे जुड़ी जानकारी जुटाने में बेहद अहम हथियार होगा। इसे किसी राइफल पर माउंट (फिट) किया जा सकेगा। ये दिन या रात किसी भी समय आसमान में उड़ते छोटे ड्रोन्स को आसानी से निशाना बना सकता है। सिस्टम की पहली डिलीवरी अगले साल तक होगी।
एक स्मैश 2000 की कीमत 10 लाख से भी कम
स्मैश 2000 को इजराइल की कंपनी स्मार्ट शूटर ने तैयार किया है। इसका मुख्य काम ड्रोन्स अटैक को नाकाम करना है। चीन से निपटने में यह बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। एक स्मैश-2000 की कीमत 10 लाख से भी कम होगी। इससे दुश्मन ड्रोन्स को 120 मीटर की दूरी से मार गिराया जा सकेगा। छोटे ड्रोन हाल के दिनों में भारत के लिए बड़े खतरे के तौर पर उभरे हैं। खास तौर पर जब एक साथ कई छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जाए तो यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इस तरह ग्रुप में भेजे गए ड्रोन्स अपने दुश्मन के एयर डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर सकते हैं।
कैसे काम करते हैं
इजराइल डिफेंस वेबसाइट के मुताबिक SMASH 2000 स्मार्ट इलेक्ट्रो ऑप्टिकल राइफल साइट (कैमरे) हैं। इसमें एक कंप्यूटर कंट्रोल होता है जो फायर कंट्रोल करता है। इनसे लगाया निशाना बेहद सटीक होता है जो अपनी रेंज में आने वाले ऑब्जेक्ट्स को पलक झपकते ही मार गिराता है। एक खास बात यह है कि यह मूविंग और स्टिल दोनों टारगेट को हिट कर सकता है। कंपनी के मुताबिक भारतीय सेना इन्हें AK-47/103 रायफल्स पर फिट करेगी।
नौसेना बढ़ा रही ताकत
नौसेना देश की समुद्री सीमाओं पर लगातार ताकत बढ़ा रही है। चीन से विवाद के बाद इस पर खास तौर से ध्यान दिया जा रहा है। हिंद महासागर में चीन के वॉर शिप भी कई मौकों पर नजर आए हैं। ऐसे में उनसे होने वाले किसी खतरे को लेकर इंडियन नेवी सतर्क है। हाल ही में नेवी ने अमेरिका से प्रिडेटर ड्रोन भी किराए पर लिए हैं। दो महीने पहले ही इंडियन नेवी ने एंटी-सबमरीन वारफेयर से लैस जहाज आईएनएस कवरत्ती को अपने बेड़े में शामिल किया है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *