मौजूदा स्थितियों के मद्देनजर 2022 तक भारतीय सेनाएं होंगी थिएटर कमांड्स में पुनर्गठित

नई दिल्‍ली। भारत की सीमाओं पर तनाव की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए भारत सरकार देश की सेनाओं के एकीकरण को लेकर गंभीर हो गई है। माना जा रहा है कि साल 2022 तक भारतीय सेनाओं को पांच थिएटर कमांड्स में पुनर्गठित कर दिया जाएगा। भौगोलिक और रणनीतिक क्षेत्रों के हिसाब से थिएटर कमांड्स का वर्गीकरण किया जाएगा। कैबिनेट से क्लियरेंस मिलने के बाद से ही मिलिट्री मामलों के विभाग के पास भी अडिशनल और जॉइंट सेक्रेट्री होंगे।
बताया गया कि काफी गंभीर विचार-विमर्श के बाद सेना के एकीकरण और उनसे पुनर्गठन का फैसला लिया गया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने सेना को थिएटर कमांड्स में वर्गीकृत करने की जिम्मेदारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत को सौंपी है।
योजना के मुताबिक पांच कमांड्स में उत्तरी कमांड लद्दाख में कराकोरम दर्रे से शुरू होकर अरुणाचल प्रदेश की सबसे आखिरी पोस्ट किबिथू तक होगी। यह कमांड चीन से लगी तकरीबन 3 हजार 488 किमी लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की रखवाली करेगा। इसका मुख्यालय लखनऊ में होने की संभावना है।
ऐसे होगा कमांड्स का पुनर्गठन
पश्चिमी कमांड का क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में इंदिरा कॉल से शुरू होकर गुजरात के आखिरी छोर तक होगा। इसका हेडक्वॉर्टर राजस्थान की राजधानी जयपुर में हो सकता है। तीसरा कमांड प्रायद्वीपीय कमांड होगा। वहीं चौथा एक पूर्ण वायुरक्षा कमांड होगा और पांचवा समुद्री कमांड होगा। प्रायद्वीपीय कमांड का मुख्यालय केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हो सकता है। हवाई कमांड देश के हवाई हमलों को तो गति देगा ही, साथ ही यह भारत की आकाशीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार होगा।
बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवणे भी थिएटर कमांड के गठन को जरूरी बता चुके हैं। बीते दिनों उन्होंने कहा था कि तीनों सेनाओं का एकीककरण करने से जरूरी परिस्थितियों में तालमेल बिठाने और संसाधनों के उचित तरीके से इस्तेमाल में मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि सीडीएस विपिन रावत की देखरेख में साल 2022 तक सेना का पांच थिएटर कमांड्स में पुनर्गठन कर दिया जाएगा।
क्या है थिएटर कमांड?
जानकारी के मुताबिक हर थिएटर कमांड में भारत की तीनों सेनाओं नौसेना, वायुसेना और थल सेना की टुकड़ियां शामिल होंगी। सुरक्षा चुनौती की स्थिति में तीनों सेनाएं साथ मिलकर लड़ेंगी। थिएटर कमांड का नेतृत्व केवल ऑपरेशनल कमांडर के हाथ में होगा। भारत के भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति को देखते हुए थिएटर कमांड्स का गठन किया जाएगा। मौजूदा समय में थल, नौसेना और वायुसेना के अपने-अपने कमांड्स हैं। बता दें कि सेना के थिएटर कमांड्स की व्यवस्था सिर्फ चीन और अमेरिका में है। अगर साल 2022 तक यह व्यवस्था यहां भी लागू हो जाती है तो भारत ऐसा करने वाला तीसरा देश हो जाएगा।
-एजेंसियां

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