भारतीय मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने छठवीं बार जीती विश्व चैंपियनशिप

स्टार भारतीय मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने शनिवार को इतिहास रच दिया। तीन बच्चों की मां मैरी ने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल (48 किग्रा) में यूक्रेन की हाना ओखोता को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस तरह 35 वर्षीय मैरी छह पीले तमगे जीतने वाली दुनिया की पहली मुक्केबाज बन गईं।
पहले राउंड में मैरी कॉम ने मुक्कों की बरसात कर दी। दूसरे राउंड में विदेशी मुक्केबाज भारी नजर आईं। तीसरे और आखिरी राउंड में दोनों ही खिलाड़ी बराबर नजर आए, लेकिन मैरी ने अपने जबरदस्त मुक्कों के दम से आखिरकार मुकाबला अपने नाम कर ही लिया।
पहले राउंड में हाना ने आक्रामक रुख अपनाया जबकि मैरी कॉम ने भी कई बार आक्रमण किए। दूसरे राउंड में एक बार मैरी कॉम मैट पर आ गई थी।
35 वर्षीया सुपर मॉम अपने छठे विश्व खिताब को जीतकर महिला मुक्केबाजी जगत की सबसे सफल मुक्केबाज बन गईं।
मणिपुर की यह मुक्केबाज 6 विश्व खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज बन चुकी हैं। वैसे इस मुकाबले में पहले से ही मैरी कॉम का पलड़ा भारी माना जा रहा था क्योंकि पिछले दिनों वो इस यूक्रेनी मुक्केबाज को हरा चुकी थीं।
अभी तक मैरी कॉम और आयरलैंड की केटी टेलर विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप की सबसे सफल मुक्केबाज मानी जाती थीं। इन दोनों ने 5-5 बार स्वर्ण पदक हासिल किए थे। कैटी टेलर अब प्रोफेशनल मुक्केबाज बन चुकी हैं। मैरी कॉम ने इससे पहले 2002, 2005, 2006, 2008 और 2010 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने इसके अलावा 2001 में रजत पदक भी हासिल किया था। मैरी ने कुछ समय पहले पोलैंड में यूक्रेनी मुक्केबाज हाना को पराजित किया था।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »