जम्मू और कश्मीर में भारतीय सेना एक बार फिर देवदूत बनकर उतरी

Indian Army once again became an angel in Jammu and Kashmir
जम्मू और कश्मीर में भारतीय सेना एक बार फिर देवदूत बनकर उतरी

श्रीनगर। बाढ़ और बारिश से बेहाल जम्मू और कश्मीर में भारतीय सेना एक बार फिर देवदूत बनकर उतरी है। सेना के जवानों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में अपना राहत ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
कश्मीर घाटी के पांजीपोरा में राष्ट्रीय रायफल्स (आरआर) के जवान बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं। सेना के जवान इसके साथ ही रिहायशी इलाकों की तरफ बह रहे नालों का रुख मोड़ने में भी लगे हैं।
बता दें कि कश्मीर घाटी में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। झेलम और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने के बाद घाटी में बाढ़ संबंधी अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही तूफान की आशंका को लेकर भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
पिछले तीन दिनों से राज्य के कई इलाकों में बिना मौसम के बर्फबारी और लगातार बारिश होने के कारण प्रादेशिक प्रशासन ने गुरुवार को कश्मीर घाटी के सभी स्कूलों को सोमवार तक बंद करने के आदेश दिए हैं।
भारी बारिश के कारण घाटी की ज्यादातर झीलों, नदी और नालों में जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रक विभाग ने झीलों और नदियों के जलस्तर की निगरानी के लिए गुरुवार को अपने सभी सहकर्मियों को चौबीसों घंटे अपने स्थानों पर तैनात रहने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तड़के एक बजे दक्षिण कश्मीर के संगम, श्रीनगर के राम मुंशीबाग और उत्तर कश्मीर के अशाम में झेलम नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही थी। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के फिरोजपुर नाले का जलस्तर सामान्य से ऊपर होने के कारण इसका पानी कई गांवों में घुस गया।
पुलिस से कहा, ‘राहत टीमें इन क्षेत्रों में सहायता और राहत कार्य के लिए पहुंच चुकी हैं।’
जम्मू और कश्मीर मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया, ‘गुरुवार को दोपहर के बाद बर्फबारी और बारिश में कमी आएगी और शुक्रवार से मौसम में सुधार होगा।’
उन्होंने कहा, ‘इसलिए परेशानी की कोई बात नहीं है लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी जमा होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।’
झेलम में बढ़ा पानी, बाढ़ का अलर्ट
झेलम और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर बढ़ने के बाद बाढ़ संबंधी परामर्श जारी कर दक्षिण और मध्य कश्मीर में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले के संगम में झेलम का पानी 18 फुट के खतरे के निशान को पार कर चुका है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘संगम में झेलम नदी के 18 फुट के खतरे के निशान को पार कर जाने के बाद हमने यह परामर्श जारी किया है।’
उन्होंने बताया कि हालांकि नदी का जल स्तर अब भी बढ़ रहा है, लेकिन पिछले कुछ घंटों में जल स्तर में बढ़ोत्तरी की रफ्तार में कमी आई है। अधिकारी ने कहा, ‘जल स्तर में वृद्धि की रफ्तार में कमी आई है और मौसम में सुधार होने से स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।’
-एजेंसी

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