इंडियन आर्मी ने भविष्‍य में चीन की किसी भी हिमाकत को रोकने की एलएसी पर की मुकम्‍मल व्‍यवस्‍था

नई दिल्ली। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख सेक्टर में पिछले करीब एक साल से जारी सैन्य तनातनी और दोनों देशों की तरफ से तनाव कम करने की कवायद के बीच इंडियन आर्मी ने उत्तरी सीमाओं पर सैन्य तैनाती को और मजबूत किया है। उत्तरी सीमाओं पर अपनी तैनाती को और मजबूत करते हुए इंडियन आर्मी ने अपनी माउंटेन स्ट्राइक कोर के साथ करीब 10 हजार अतिरिक्त सैनिकों को जोड़ा है। यह कवायद चीन को एलएसी पर भविष्य में कहीं भी पूर्वी लद्दाख जैसी किसी भी हिमाकत को रोकने के लिए की गई है। माउंटेन स्ट्राइक कोर चीन के साथ लगती सीमाओं की निगरानी करती है।
माउंटेन स्ट्राइक कोर को मजबूत करने की यह कवायद सेना की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत अब वेस्टर्न फ्रंट पर पाकिस्तान की सीमा के बजाय चीन के साथ लगी सीमा पर फोकस को बढ़ाना है। ईस्टर्न सेक्टर में करीब 10 हजार सैनिकों वाले एक मौजूदा डिविजन को अब 17वीं माउंटेन स्ट्राइक कोर के साथ जोड़ा गया है जिसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
सूत्रों ने बताया, ‘माउंटेन स्ट्राइक कोर को केंद्र की तरफ से करीब एक दशक पहले ही हरी झंडी मिली थी लेकिन इसके साथ सिर्फ एक डिविजन ही जुड़ी हुई थी। ताजा कदम से अब इस कोर की मैनपावर और क्षमता बढ़ जाएगी।’
पूर्वी लद्दाख में चीन की आक्रामकता और सैन्य तनाव के बाद से सेना ने हाल के दिनों में सीमा सुरक्षा को नए सिरे से संतुलित करने की कवायद के तहत कई कदम उठाए गए हैं। कुछ फॉर्मेशंस को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है लेकिन उन्हें चीन बॉर्डर पर ज्यादा फोकस करने को कहा गया है।
इस बीच गर्मी की दस्तक के साथ ही इंडियन आर्मी और दूसरे सुरक्षा बल लद्दाख सेक्टर और एलएसी से लगे दूसरे पहाड़ी इलाकों में फिर से लौटना शुरू कर चुके हैं। एलएसी पर पिछले साल से ही भारत और चीन के सैनिक बड़ी तादाद में तैनात हैं।
मथुरा बेस्ड वन स्ट्राइक कोर के फॉर्मेशंस को उत्तरी सीमा पर फोकस किया गया है। इसके अलावा सुगर सेक्टर, सेंट्रल सेक्टर और नॉर्थ ईस्टर्न बॉर्डरों पर भी तैनाती को मजबूत किया जा रहा है।
पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम चोटियों पर भारत के सफल ऑपरेशंस के बाद चीन की अकड़ ढीली हुई थी और वह फिंगर एरिया में डिसइंगेजमेंट के लिए राजी हुआ। फिंगर एरिया से दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे इलाकों में भी सैनिकों के पीछे हटने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है।
भारत गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और देपसांग के मैदानी इलाकों से भी सैनिकों की वापसी की मांग कर रहा है। इसके लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच शुक्रवार को कोर कमांडर स्तर की 11वें दौर की बातचीत हो सकती है।
-एजेंसियां

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