काबुल से 168 लोगों को लेकर पहुंचा भारतीय वायुसेना का विमान

रविवार सुबह जब हिंडन एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का C-17 ग्‍लोबमास्‍टर विमान लैंड किया तो 168 लोगों के परिवारों ने चैन की सांस ली। इनमें 107 भारतीयों के अलावा अफगानिस्‍तान के सिख और हिंदू नागरिक भी शामिल थे।
अफगानिस्‍तान से किसी तरह बचकर भारत आ रहे लोगों की आंखों में सुकून के साथ-साथ खौफ साफ देखा जा सकता है। भारतीयों को जहां देश लौट आने की खुशी हैं तो अफगान नागरिक अपने देश को यूं बर्बाद होता देख रोने लगते हैं।
सिख सांसद की आंखों से छलके आंसू
अफगानिस्‍तान के सिख सांसद नरेंदर सिंह खालसा तो मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्‍होंने बताया कि हिंदू और सिख भाई बहुत परेशान हैं। मैं भारत सरकार से यही अपील करता हूं कि जितने बंदे वहां बचे हैं, उनको भी ले आया जाए। एयरपोर्ट के हालात बयां करते हुए उन्‍होंने कहा कि हर गेट पर 5000-6000 लोग खड़े थे। बीच में तालिबान के लोग भी आए। उधर पता ही नहीं लगता था अच्‍छा बंदा कौन है, बुरा बंदा कौन है।
खालसा उन 23 अफगान सिख और हिंदू नागरिकों में से एक हैं जिन्‍हें C-17 ग्‍लोबमास्‍टर के जरिए रविवार को भारत लाया गया है। इस फ्लाइट में 107 भारतीय नागरिक भी सवार थे। काबुल से हिंडन एयरबेस के लिए सीधी उड़ान में कुल 168 लोग सवार थे। सभी लोगों को RT-PCR टेस्‍ट से गुजरना होगा। केंद्र सरकार ने अफगानिस्‍तान से आने वालों को मुफ्त में पोलियो की वैक्‍सीन लगाने का फैसला किया है।
एयरपोर्ट पर 24 घंटे फंसे रहे
बाहर निकलते समय मीडिया से बातचीत में एक अफगानिस्‍तानी शख्‍स ने कहा कि ‘मैं बहुत सेफ महसूस कर रहा हूं।’ भारत सरकार को धन्‍यवाद देते हुए उसने बताया कि उसकी पत्‍नी भारतीय है। एक अन्‍य अफगान वजूद शहजाद ने कहा कि वहां हालात बड़े खराब हैं। उन्‍होंने बताया कि एयरपोर्ट पर हमें 24 घंटे इंतजार करना पड़ा। मनजीत सिंह ने कहा कि ‘हमारी संगत गुरुद्वारे में फंसी हुई है। हमारी सरकार से दरख्‍वास्‍त है कि वहां फंसे 280 लोगों को भी निकाला जाए।’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया था, ‘‘भारतीयों की निकासी जारी है। भारत के 107 नागरिकों समेत 168 यात्री भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से काबुल से दिल्ली लाए जा रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि विमान में कई बड़े सिख नेता भी हैं।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *