Rafale Deal को भारतीय वायु सेना ने अभूतपूर्व बताया, आलोचकों की समझ पर उठाया सवाल

नई दिल्ली। जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने ‘Rafale Deal पर रोक’ की मांग की याचिका पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है, वहीं भारतीय वायु सेना ने Rafale Deal को अभूतपूर्व बताया है। Rafale एक शानदार एयरक्राफ्ट है, जो भारत को मुकाबला करने की अभूतपूर्व क्षमता प्रदान करेगा। यह कहना है भारतीय वायु सेना का।
एयर फोर्स के वाइस चीफ एयर मार्शल एसबी देव ने बुधवार को यह भी कहा कि इस डील की आलोचना करने वालों को इसके मानदंड और खरीद प्रक्रिया को समझना चाहिए। बता दें कि 58 हजार करोड़ रुपये की इस डील को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है।
एयर मार्शल ने कहा, ‘यह बेहद खुबसूरत एयरक्राफ्ट है… यह बहुत क्षमतावान है और हम इसे उड़ाने का इंतजार कर रहे हैं।’ उन्होंने एक कार्यक्रम में इस डील को लेकर हुए विवाद के बारे में सवाल पूछे जाने पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि Rafale जेट्स भारत से की मुकाबला करने की क्षमता में अभूतपूर्व लाभ होगा। भारत ने दोनों देशों की सरकारों के बीच इस डील पर सितंबर 2016 में मुहर लगाई थी। भारत 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने के तैयारी कर रहा है।
इन एयरक्राफ्ट की डिलीवरी सितंबर 2019 से ही शुरू होनी है। विपक्षी पार्टी इस डील को लेकर कई सवाल खड़े कर चुकी है, वहीं सरकार ने विपक्ष के सभी आरोपों को निराधार बताया है।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय इस सौदे पर रोक के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने को सहमत हो गया। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अधिवक्ता एम एल शर्मा की इस बारे में दलीलों पर गौर किया कि उनकी अर्जी तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाए। शर्मा ने अपनी अर्जी में फ्रांस के साथ लड़ाकू विमान सौदे में विसंगतियों का आरोप लगाया है और उस पर रोक की मांग की है।
-एजेंसियां

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