FATF द्वारा पाकिस्‍तान को Grey list में डालने का भारत ने किया स्‍वागत

FATF  (फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स)  इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप मॉनिटरिंग ग्रुुप है 

नई दिल्ली। भारत ने फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप मॉनिटरिंग के लिए पाकिस्तान को Grey list में डालने का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर आतंकवाद को प्रश्रय देने के लिए पाक को घेरा भी है। आपको बता दें कि आतंक की फंडिंग रोक पाने में विफल रहने की वजह से फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने पाक को Grey list यानी संदिग्धों की सूची में डाल दिया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने और ऐंटी मनी लन्ड्रिंग अभियान चलाने के लिए FATF के स्टैंडर्ड का पालन करने का आश्वासन दिया था। पाकिस्तान को खासकर संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही करनी थी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में हाफिज सईद जैसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी और जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन पाकिस्तान में अभी भी सक्रिय हैं। ऐसे में पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं कर रहा है। भारत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि FATF ऐक्शन प्लान का समयबद्ध तरीके से पालन किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद से जुड़ी वैश्विक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान भी अपनी जमीन से आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए विश्वसनीय उपाय करेगा।

आपको बता दें कि फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स पैरिस स्थित अंतर-सरकारी संस्था है। इसका काम गैर-कानून आर्थिक मदद को रोकने के लिए नियम बनाना है। इसका गठन 1989 में किया गया था। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर देश को अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में काफी कठिनाई आती है।

FATF द्वारा Grey list में जाने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश पर भी विपरीत असर पड़ता है।
-एजेंसी

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