भारत-श्री लंका नागपुर टेस्‍ट: पहले दिन श्री लंका ने 7 विकेट खोकर बनाए 205 रन

नागपुर। स्पिनर्स के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने नागपुर टेस्ट के पहले दिन श्री लंका को 205 रनों पर समेट दिया। रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा ने कुल सात लंकाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। यह एक ऐसा विकेट पर था जिसे तेज गेंदबाजों के लिए मुफीद माना जा रहा था। पिच पर घास थी लेकिन इसका अधिक फायदा भारतीय फिरकी गेंदबाजों ने उठाया। अश्विन ने शानदार वेरिएशन दिखाई और जडेजा ने अपनी सधी हुई गेंदबाजी के दम पर लंकाई टीम को बांधे रखा।
भारतीय गेंदबाजों ने विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शुक्रवार को बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए श्री लंका को पहली पारी में 205 रनों पर समेट दी। भारत की तरफ से रविचंद्रन अश्विन ने चार विकेट लिए। ईशांत शर्मा और रवींद्र जडेजा को तीन-तीन सफलता मिली। श्री लंका की तरफ से कप्तान दिनेश चंडीमल ने सबसे ज्यादा 57 रन बनाए। दिमुथ करुणारत्ने ने 51 रनों का योगदान दिया।
भारतीय गेंदबाज शुरू से ही मेहमानों पर हावी रहे। उन्होंने श्री लंका को पहले सत्र में बांधे रखा और 27 ओवरों में सिर्फ 47 रन ही बनाने दिए साथ ही दो विकेट भी हासिल किए। श्री लंका ने हालांकि दूसरे सत्र में रनगति बढ़ाई और अपने स्कोर में 104 रनों का इजाफा किया। इस सत्र में भी उसने दो विकेट खोए। दिन के तीसरे सत्र में वह 54 रन ही और जोड़ सकी और बाकी के छह विकेट खोकर पहले दिन ही पूरी टीम पवेलियन लौट गई।
पहले सत्र में श्री लंका ने 27 ओवरों में 1.40 की औसत से सिर्फ 47 रन ही बनाए थे और दो विकेट खो दिए थे। दूसरे सत्र में उसने अपने खाते में 104 रनों का इजाफा किया। हालांकि, दूसरे सत्र में उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और सत्र के तीसरे ओवर में ही उसने अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (10) का विकेट खो दिया।
करुणारत्ने ने पूरे किए 1000 रन
दिमुथ करुणारत्ने (51) ने यहां से कप्तान दिनेश चंडीमल (नाबाद 47) के साथ चौथे विकेट के लिए 62 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन इशांत शर्मा ने 51वें ओवर की आखिरी गेंद पर करुणारत्ने को पगबाधा आउट कर मेहमान टीम को बड़ा झटका दिया। इससे पहले करुणारत्ने इस साल 1000 रन बनाने वाले दूसरे सालमी बल्लेबाज बने। उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के डीन एल्गर ऐसा कर चुके हैं। करुणारत्ने ने अपनी पारी में 147 गेंदों का सामना किया और छह चौके लगाए।
फिफ्टी से चूके चंडीमल
दूसरे सत्र का खेल खत्म होने तक चंडीमल 92 गेंद खेलते हुए चार चौके और एक छक्का लगा चुके हैं। वह अपने अर्धशतक से 3 रन दूर हैं। उनके साथ निरोशन डिकवेला 18 रन पर खेल रहे हैं। पहले सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने श्री लंकाई बल्लेबाजों पर अंकुश लगाए रखा और आसानी से रन नहीं बनाने दिए। हालांकि शुरुआत में श्री लंका ने तकरीबन 4 की औसत से रन बनाए थे।
श्री लंका का पहला विकेट 4.5 ओवर में 20 के कुल स्कोर पर सादिरा समाराविक्रमा (13) के रूप में गिरा था। मोहम्मद शमी के चोटिल होने के बाद इस मैच में उतरे इशांत ने समाराव्रिकमा को चेतेश्वर पुजारा के हाथों स्लिप में कैच कराया। इसके बाद मेहमान टीम की रनगति धीमी हो गई। भारतीय गेंदबाज पूरी तरह से हावी थे।
अश्विन ने दिलाई दूसरी सफलता
रविचंद्रन अश्विन ने भारत को दूसरी सफलता दिलाई। उन्होंने लाहिरू थिरिमाने (9) को बोल्ड कर श्री लंका को दूसरा झटका दिया। 26वें ओवर के रूप में अपना पहला ओवर लेकर आए रवींद्र जडेजा ने दिमुथ करुणारत्ने को रिद्धिमान साहा के हाथों स्टम्पिंग कराया लेकिन यह नो बाल निकली। भारत की तरफ से इशांत को 2 सफलताएं मिलीं हैं। अश्विन और जडेजा को एक-एक विकेट मिला।
-एजेंसी