भारत ने कहा, पाक सरकार कहे तो हम चीन से उनके नागरिकों को भी ले आएंगे

नई दिल्‍ली। विदेश मंत्रालय ने करॉना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित चीन के शहर वुहान से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान को जटिल बताते हुए चीन सरकार की तरफ से मिले सहयोग के लिए उसकी तारीफ की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत ने 2 उड़ानों के जरिए चीन से 640 भारतीयों और मालदीव के 7 नागरिकों को सुरक्षित निकाला। इस दौरान उनसे जब पूछा गया कि चीन में फंसे कुछ पाकिस्तानियों ने भारत सरकार से मदद की अपील की है तो क्या इस पर कोई चर्चा हुई है ?
इसके जवाब में रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है। अगर ऐसी सिचुएशन बनती है तो इस पर जरूर विचार किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार ने चीन के वुहान शहर में फंसे लोगों को लेकर पूछा, ‘वहां पर जो पाकिस्तानी स्टूडेंट फंसे हुए हैं, वीडियो देख रहे थे उसमें उन्होंने बोला कि मोदी है तो मुमकिन है, मोदी जिंदाबाद…और उन्होंने बोला कि अगर पाकिस्तान सरकार हमें नहीं ले जा रही है तो भारत सरकार हमारी मदद करे तो क्या आप लोगों ने क्या इस पर चर्चा की है, कोई विचार?’
इस सवाल के जवाब में रवीश कुमार ने कहा, ‘फिलहाल तो पाकिस्तान सरकार की तरफ से ऐसा कोई हमारे पास रिक्वेस्ट आया नहीं है लेकिन अगर ऐसी सिचुएशन बनती है और अगर हमारे पास रिसोर्सेज हैं तो हम इस पर जरूर विचार करेंगे।’ जब सवाल के दौरान पत्रकार ने यह कहा कि वुहान में फंसे पाकिस्तानी छात्र ‘मोदी है तो मुमकिन है’, मोदी जिंदाबाद बोल रहे हैं, तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भी मुस्कुराने से खुद को नहीं रोक पाए।
कोरोना वायरस की वजह से चीन से आने वाले लोगों के लिए ई-वीजा पर अस्थायी तौर पर रोक के बारे में कुमार ने कहा कि वीजा संबंधी पाबंदियां सिर्फ चाइनीज मेनलैंड के लिए हैं। उन्होंने कहा, ‘चीन के लोगों को दिए गए सभी मौजूदा ई-वीजा अब वैध नहीं हैं। इसी तरह जो नॉर्मल वीजा इश्यू हुए हैं वे भी अब वैलिड नहीं हैं। अगर ऐसा व्यक्ति जिसके पास भारत आना बहुत ही ज्यादा जरूरी है तो वह हमारे दूतावास या नजदीकी कॉन्सुलेट से संपर्क कर वीजा के लिए अप्लाई कर सकता है।’ इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच कॉमर्शियल फ्लाइट्स पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिबंध नहीं लगा है। उन्होंने साथ में कहा कि एयरलाइन कंपनियां जमीनी स्थिति का आंकलन करते हुए इस बारे में खुद से फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।
-एजेंसियां

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