भारत ने खारिज किया बातचीत पर राजी होने का पाकिस्तानी दावा

नई दिल्‍ली। भारत ने आज पाकिस्तानी मीडिया का दावा खारिज कर दिया। इसमें कहा गया था कि भारत, इमरान सरकार के साथ बातचीत शुरू करने के लिए राजी है। भारत का कहना है कि आतंकमुक्त माहौल बनने से पहले पाकिस्तान से किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी। पुलवामा हमले (14 फरवरी) के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव है। हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान को कोई तवज्जो नहीं दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, राजनयिक प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से मिले बधाई संदेशों का जवाब दिया था। इसमें कहा गया था कि भारत अपने सभी पड़ोसी मुल्कों के साथ सामान्य और सहयोगात्मक रिश्ते चाहता है। इनमें पाकिस्तान भी शामिल है।
हम अल्पकालिक कार्यवाही नहीं चाहते: कुमार
कुमार ने कहा- मुझे लगता है कि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ कड़े कदम उठाना ही होंगे। यदि हम पाक की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं हुए तो हमारा रुख वही रहेगा। पिछले कुछ समय में हुई अल्पकालिक कार्यवाही से हम किसी भी तरह मूर्ख नहीं बनने वाले हैं।
ब्लैकलिस्ट करने का मामला संवेदनशील: कुमार
कुमार के मुताबिक फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करेगी या नहीं? इस मामले पर हम कुछ नहीं कहना चाहेंगे। यह एक संवेदनशील मामला है। इस मामले में एफएटीएफ मेंबर्स ही फैसला लेते हैं। एक बार वे प्रेस रिलीज जारी करके बता दें। इसके बाद जो भी निर्णय होगा, हम देखकर तय करेंगे कि हमें कुछ कहना है या नहीं।
भारत बातचीत को तैयार: पाक मीडिया
दरअसल, पाक मीडिया में राजनयिक सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाक से मिले बधाई संदेशों के जवाब में उससे बातचीत बहाल करने की इच्छा जताई है।
विश्वासयुक्त माहौल बनाने की जरूरत: भारत
कुमार ने कहा- प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को भेजे संदेश में इस बात पर जोर दिया था कि आतंक और हिंसा से मुक्त भरोसे लायक माहौल बनाए जाने की जरूरत है। जयशंकर ने भी हिंसा रहित वातावरण विकसित करने की जरूरत बताई थी।
पुलवामा हमले के बाद बढ़ा तनाव
फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। इस हमले की जिम्मेदारी पाक में स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद दुनियाभर से भारत को आतंक के खिलाफ कार्यवाही में समर्थन मिला, जबकि पाक अलग-थलग पड़ गया।
-एजेंसियां

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