1 नव. से शुरू होगा भारत-जापान का साझा सैनिक अभ्यास Dharma Gaurdian

भारतीय सेना 1 नवंबर से 14 नवंबर तक जापान की थल सेना के साथ मिज़ोरम के वारंगटे में Dharma Gaurdian (धर्म गार्जियन) साझा सैनिक अभ्यास करेगी

नई दिल्ली। अगले एक महीने से ज्यादा समय तक भारतीय सेना अपनी सैनिक कूटनीति के सबसे व्यस्त दौर में होगी. भारतीय सेना नवंबर और दिसंबर में अमेरिका, रूस, चीन और जापान की सेनाओं के साथ साझा सैनिक अभ्यास Dharma Gaurdian करेगी. ये सभी देश एक-दूसरे के धुर विपरीत ध्रुवों का नेतृत्व करते हैं.

zeenews की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना 1 नवंबर से 14 नवंबर तक जापान की थल सेना के साथ मिज़ोरम के वारंगटे में Dharma Gaurdian (धर्म गार्जियन) साझा सैनिक अभ्यास करेगी. ये जापान की थल सेना के साथ पहला सैनिक अभ्यास है.

भारत-अमेरिका का साझा युद्धाभ्यास
14 नवंबर से राजस्थान की महाजन फ़ील्ड फ़ायरिंग रेंज में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेंज़ के साथ भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फ़ोर्सेज़ का साझा सैनिक अभ्यास वज्र-प्रहार (VAJRA PRAHAR) शुरू होगा जोकि 2 दिसंबर तक चलेगा. जिस समय भारतीय पैरा स्पेशल फ़ोर्सेज़ राजस्थान में अमेरिकी स्पेशल फ़ोर्सेज़ के साथ होंगी ठीक उसी समय वहां से कुछ सौ किलीमीटर दूर मध्यप्रदेश के बबीना में भारतीय बख्तरबंद सैनिक रूस के बख्तरबंद सैनिकों के साथ लड़ाई के गुर सीख रहे होंगे. 16 नवंबर से 29 नवंबर तक भारत और रूस की मैकेनाइज़्ड इफेंट्री के बीच साझा सैनिक अभ्यास इंद्र-2018 (INDRA-2018) होगा.

16 नवंबर से ही सिंगापुर के साथ तोपखाने का साझा सैनिक अभ्यास अग्नि वॉरियर (AGNI WARRIOR) शुरू होगा जो 30 नवंबर तक चलेगा. चीन के साथ डोकलाम विवाद के कारण पिछले साल रद्द हुआ सालाना सैनिक अभ्यास HAND IN HAND भी इस साल चीन में होगा. दिसंबर के मध्य में होने वाले इस सैनिक अभ्यास का आयोजन इस साल चीन के चेंगदू में किया जा रहा है.

भारतीय सैनिक कूटनीति इस समय अपनी सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुज़र रही है. अमेरिका के साथ सैनिक संबंध लगातार मज़बूत हो रहे हैं और पिछले महीने दोनों देशों के रक्षामंत्रियों और विदेशमंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद सैनिक संबंधों को और मज़बूत करने पर सहमति हुई. अब दोनों देश अपनी तीनों सेनाओं के बीच बड़े स्तर पर सैनिक अभ्यास करेंगे. अमेरिका के साथ नौसैनिक अभ्यास मालाबार और सैनिक अभ्यास युद्धाभ्यास कई सालों से चल ही रहा है. अमेरिका के साथ C-17 GLOBE MASTER, C-130 J SUPER HERCULES, P- 8 I एयरक्राफ्ट्स के बाद अब अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर्स भी भारतीय सेना में शामिल होने की तैयारी में हैं.

रूस के साथ भारतीय सैनिक संबंध ऐतिहासिक हैं. रूस ने भारतीय सेना का साथ उस समय दिया था जब उसके पास दोस्तों की बेहद कमी थी. भारतीय सेनाओं के शस्त्रागार रूसी हथियारों से भरे पड़े हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों से अमेरिकी के साथ बढ़ते सैनिक संबंधों से रूस नाखुश है. इसका फ़ायदा उठाने की कोशिश में पाकिस्तान ने रूस की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. दो सालों से दोनों देशों के सैनिक छोटे स्तर पर साझा अभ्यास कर रहे हैं और कई हथियारों के सौदों पर भी चर्चा चल रही हैं. हालांकि हाल ही में भारत ने मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 के सौदे पर अमेरिका की नाराज़ी के बावजूद मुहर लगाकर इस खाई को पाटने की कोशिश की है.

चीन को घेरने में जापान बन सकता सहयोगी
जापान, चीन का धुर शत्रु है और चीन को उसके पिछवाड़े में घेरने की योजना में भारत का प्रमुख सहयोगी बन सकता है. भारत और अमेरिका के बीच 2002 से जारी नौसैनिक अभ्यास मालाबार में 2016 से जापान स्थायी सदस्य हो गया है. इस साल पहली बार भारत और जापान की थल सेनाएं साझा अभ्यास Dharma Gaurdian करेंगी.

भारत के सबसे ताकतवर पड़ोसी और प्रतिद्ंवदी चीन के साथ बनते-बिगड़ते रिश्तों को संभालना और युद्ध के हालात बनने से रोकना भारतीय सैनिक कूटनीति की सबसे बड़ी चुनौती है. पिछले कुछ सालों में दोनों के बीच भरोसा क़ायम करने के लिए सैनिक कमांडरों के स्तर पर कई मैकेनिज़्म बनाए गए हैं. सालाना होने वाला साझा सैनिक अभ्यास HAND IN HAND उनमें सबसे महत्वपूर्ण है. पिछले साल दोनों देशों के बीच भूटान की सीमा में डोकलाम में तनाव बेहद बढ़ गया था और सेनाएं आमने-सामने आ गईं थीं. 2 महीने से भी ज्यादा समय तक ये तनाव बना रहा और साझा सैनिक अभ्यास रद्द हो गया. इस साल दिसंबर में ये दुबारा शुरू होगा.

-zeenews.com

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