पहली अंतरमहाद्विपीय Ballistic मिसाइल अग्नि-5 लॉन्च करने जा रहा है भारत

नई दिल्ली। भारत अपनी पहली अंतरमहाद्विपीय Ballistic मिसाइल अग्नि-5 लॉन्च करने वाला है। स्ट्रैटिजिक फोर्सेज कमांड (एसएफसी) के तहत इसे शामिल किया जाएगा।
पोकरण में 20 साल पहले ऑपरेशन शक्ति के तहत भारत ने 5 पोकरण 2 अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई थी। अग्नि-5 लॉन्च करके भारत एक बार फिर दो दशक के बाद अपनी सैन्य ताकत दिखाने की तैयारी कर रहा है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, ‘5000 किमी रेंज तक मार कर सकने में सक्षम अग्नि-v के कई सिस्टम और सब सिस्टम एसएफसी की नई अग्नि-5 यूनिट को सौंप दिए गए हैं। इस इंटर Ballistic मिसाइल की खासियत यह है कि पूरा चीन इसकी जद में है और इसके साथ ही यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्से भी इसके रेंज में हैं।’
डिफेंस विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया, ‘अग्नि-5 का दूसरा ट्रायल जल्द ही होने वाला है और इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इसका पहला ट्रायल इसी साल 18 जनवरी को हुआ था। अप्रैल 2012 से अब तक 4 डिवेलपमेंट ट्रायल भी हो चुके हैं। अगर पूर्व के टेस्ट की तरह अग्नि-5 का परीक्षण सफल होता है तो इसका मिसाइल स्ट्रैटिजिक बेस में शिफ्ट किया जा सकता है।’
एसएफसी के पास पहले से ही त्रिस्तरीय कई ताकतवर मिसाइल यूनिट हैं। इनमें पृथ्वी-II (350 किमी.), अग्नि-I (700 किमी.), अग्नि-III (3,000 किमी.) आदि शामिल हैं। इसके साथ ही सुखोई-30 MKI, मिराज -2000 और जगुआर फाइटर्स भी न्यूक्लियर बम डिलिवर करने में सक्षम हैं। इसके अलावा न्यूक्लियर ताकत के तीसरे स्तर पर इस वक्त कुछ न्यूक्लियर Ballistic मिसाइल सबमरीन जैसे आईएनएस अरिहन्त शामिल हैं।
भारत की प्रमुख चिंता इस वक्त सबमरीन न्यूक्लियर ताकत से कम संपन्न होना है। सबमरीन को न्यूक्लियर स्ट्राइक के लिए सबसे सुरक्षित और ताकतवर प्लैटफॉर्म माना जाता है। भारत जैसे देश जिसकी परमाणु शक्ति संपन्न होने के बाद भी नो फर्स्ट यूज पॉलिसी है उसके लिए यह एक बड़ी चिंता हो सकती है।
-एजेंसी

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