भारत में घट रहा है वैलेंटाइन डे मनाने का क्रेज

एक तरफ जहां कुछ राजनीतिक पार्टियों और कट्टर संगठनों ने वैलेंटाइन डे के खिलाफ अपना विरोध कम कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ ऐसा लग रहा है कि भारत के युवाओं के बीच वैलेंटाइन डे मनाने का क्रेज घटता जा रहा है। इस बारे में दो अलग-अलग सर्वे करवाया गया है। एक मैट्रिमनियल वेबसाइट की तरफ से और दूसरा एक कॉन्फेक्शनर की तरफ से। इन दोनों ही सर्वे में यह बात सामने आयी है कि भारतीय युवाओं के बीच किसी एक दिन को प्यार के दिन के रूप में मनाने को लेकर उत्साह में कमी आ रही है। बहुत से लोग वैलेंटाइन डे का हद से ज्यादा बाजारीकरण होने के कारण भी इससे दूर हो रहे हैं।
68% नहीं मनाते वैलेंटाइन डे
एक ऑनलाइन सर्वे में 20 से 35 साल के बीच के विवाहित और अविवाहित 8 हजार 200 लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीं। जब इन लोगों से पूछा गया कि क्या वे वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने में यकीन रखते हैं तो इस पर 68 प्रतिशत ने ना में जवाब दिया जबकि सिर्फ 32 प्रतिशत ने हां में। जब ना में जवाब देने वालों से पूछा गया कि आखिर क्यों वे वैलेंटाइन डे नहीं मनाना चाहते तो इस पर 55 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वैलेंटाइन डे का अवसर जरूरत से ज्यादा प्रचारित है तो वहीं 28 प्रतिशत का कहना था कि अगर आप किसी स्पेशल इंसान के साथ रहते हैं तो आपका हर दिन ही वैलेंटाइन डे है, फिर किसी एक दिन की क्या जरूरत। तो वहीं बाकी बचे 17 प्रतिशत लोगों का कहना था कि इस दिन हर जगह इतनी भीड़ होती है कि बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
सिर्फ 3% को रहता है इंतजार
67 प्रतिशत लोगों का कहना था कि इस दिन को किसी भी दूसरे दिन की तरह लिया जाना चाहिए। सर्वे में शामिल 61 प्रतिशत लोगों की मानें तो वे वैलेंटाइन डे से कहीं ज्यादा अपने बर्थडे या ऐनिवर्सरी का इंतजार करते हैं, तो वहीं 36 प्रतिशत लोग न्यू इयर्स ईव जबकि सिर्फ 3 प्रतिशत लोग वैलंटाइंस डे और 1 प्रतिशत फ्रेंडशिप डे का।
गवर्नमेंट लॉ कॉलेज की एक स्टूडेंट सिमी पारेख की मानें तो वैलेंटाइन डे अपना चार्म खोता जा रहा है। सिमी कहती हैं, ‘वैसे लोग जो सिंगल हैं या गिफ्ट्स के साथ अपनी फीलिंग्स को जोड़ना नहीं चाहते, इस दिन के जरूरत से ज्यादा बाजारीकरण की वजह से ऐसे लोगों में अपराधबोध की भावना आ जाती है।’
गिफ्ट्स खरीदने वालों में आयी कमी
मुंबई के वाशी स्थित आर्चीज आउटलेट के स्टोर मैनेजर नवनाथ सालेकर का कहना है, ‘पिछले 2 साल में वैलेंटाइन डे के मौके पर गिफ्ट्स खरीदने वालों की संख्या में कमी आयी है लेकिन सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के बावजूद ग्रीटिंग कार्ड्स की सेल अब भी बरकरार है। कार्ड्स स्पर्शनीय होते हैं जिन्हें लंबे समय तक संभालकर रखा जा सकता है लेकिन फोन मेसेज को डिलीट कर सकते हैं।’
-एजेंसी