चीन से निपटने के लिए भारत ने LAC पर तैनात कीं ब्रह्मोस, निर्भय और आकाश मिसाइलें

नई दिल्‍ली। भारत चीन के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बरकरार है। इससे निपटने के लिए भारतीय फौज ने हर तरह की तैयारी कर रखी है। भारत की जल, थल और वायु सेनाएं 24 घंटे हर तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से रेडी हैं। भारत ने सीमा पर ब्रह्मोस और निर्भय क्रूज मिसाइल के अलावा जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल को भी तैनात कर दिया है।
5 जुलाई से तनाव बरकरार
बीती पांच जुलाई से भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। दोनों देशों की फौजें बिल्कुल आमने-सामने डटी हुई हैं। ऐसी स्थिति में भारत ने सीमा पर अपने अचूक और सबसे भरोसेमंद ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को तैनात किया है। इसकी रेंज 500 किमी, निर्भय क्रूज मिसाइलें 800 किमी-रेंज हैं। वहीं चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्रों में मिसाइल तैनाती की।
चीन से मुकाबले को तैयार
पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमांड ने लद्दाख में तनाव शुरू होने के बाद तिब्बत और शिनजियांग में 2,000 किलोमीटर रेंज और लंबी दूरी के हथियारों को तैनात किया है। रक्षा मामले के जानकार लोगों ने बताया कि सुपरसोनिक ब्रह्मोस, सबसोनिक निर्भय मिसाइल को चीन से मुकाबला करने के लिए तैनात किया गया है।
हर जगह तैनाती बढ़ाई गई
सूत्रों की मानें तो चीन की तरफ से यह तैनाती उसके कब्‍जे वाले अक्‍साई चिन तक ही सीमित नहीं है बल्कि काश्‍गर, होटान, ल्‍हासा और नियाइनग्‍शी में भी तैनाती को बढ़ाया गया है। ब्रह्मोस भारत का सबसे बड़ा हथियार है। यह मिसाइल न सिर्फ हवा से हवा में बल्कि जमीन से भी हवा में कर सकती है।
ब्रह्मोस मिसाइल 300 किलोग्राम तक के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। स्टैंड-ऑफ हथियारों में भारत का प्रमुख ब्रह्मोस एयर-टू-एयर और एयर-टू-सर्फेस क्रूज मिसाइल है, जिसमें 300 किलोग्राम का वॉरहेड है, जोकि तिब्बत और शिनजियांग में हवाई जहाजों या हिंद महासागर में युद्धपोत की देखभाल कर सकता है।
उन्नत लैंडिंग के लिए प्रयोग
ब्रह्मोस मिसाइल को लद्दाख सेक्टर में पर्याप्त संख्या में तैनात किया गया है, जिसमें Su-30 MKI फाइटर से स्टैंड-ऑफ हथियार पहुंचाने का विकल्प है।
इसके अलावा ब्रह्मोस का उपयोग भारत के द्वीप क्षेत्रों में एयर बेस का उपयोग करके हिंद महासागर में चोक पॉइंट बनाने के लिए किया जा सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना का कार निकोबार एयर बेस SU-30 MKI के लिए उन्नत लैंडिंग ग्राउंड है, जिसका उपयोग एयर-टू-एयर रिफ्यूलेर्स का उपयोग कर सकते हैं। जो कि इंडोनेशिया भर में मलक्का के स्ट्रेट से सुंडा स्टाटन तक आने वाले किसी भी पीएलए युद्धपोत के खतरे से सुरक्षा प्रदान करता है।
आकाश मिसाइल की तैनाती
भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला तीसरा स्टैंड-ऑफ हथियार आकाश एसएएम है। इसे लद्दाख सेक्टर में एलएसी के पार किसी भी पीएलए विमान घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त संख्या में तैनात किया गया है। अक्साई चिन के कब्जे में पीएलए वायु सेना की लड़ाकू गतिविधि जारी है। हालांकि, काराकोरम दर्रे के पास डोलेट बेग ओल्डी सेक्टर में पीएलए हवाई गतिविधि को लेकर चिंता है।
-एजेंसियां

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