अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारत ने ब्रिसबेन टेस्ट जीतकर इतिहास रचा

ब्रिसबेन। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने ब्रिसबेन टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रखे गए 328 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 329 रन बनाए। इसके साथ भारतीय टीम पहली बार ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रही। ऐतिहासिक सीरीज जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों पर धनवर्षा की है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह ने टीम को 5 करोड़ रुपये का बोनस देने की घोषणा की है।
इससे पहले चौथे दिन सोमवार को मोहम्मद सिराज के पांच और शार्दूल ठाकुर के चार विकेट के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 294 रनों पर सीमित कर दिया लेकिन ऑस्ट्रेलिया मेहमान टीम के सामने 328 रनों का मजबूत लक्ष्य रख पाने में सफल रही। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने बिना किसी नुकसान के चार रन बनाए। पांचवें दिन भारत को जीत के लिए 324 रन और चाहिए थे।
बारिश के कारण हालांकि चौथे दिन का खेल जल्दी खत्म कर दिया गया। रोहित शर्मा चार रन बनाकर खेल रहे थे जबकि शुभमन गिल ने अभी खाता नहीं खोला था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 369 रन बनाए थे और भारत को पहली पारी में 336 रनों तक सीमित कर दूसरी पारी में 33 रनों की बढ़त के साथ उतरी थी। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया कोई बड़ा स्कोर तो नहीं कर पाई लेकिन वह भारत को एक मजबूत लक्ष्य देने में सफल रही है। दूसरी पारी में आस्ट्रेलिया के लिए स्मिथ ने सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। डेविड वॉर्नर ने 48 रनों का योगदान दिया।
सिडनी में जिस धैर्य, वीरता और काउंटर अटैक का मुजाहेरा टीम इंडिया ने किया, उसकी झलक ब्रिसबेन में भी दिखाई दे रही है। गाबा टेस्ट के पांचवें और निर्णायक दिन चेतेश्वर पुजारा ने मानो दर्द को ही अपना दीवार बना लिया। राहुल द्रविड़ से अक्सर उनकी तुलना होती है लेकिन गाबा में चेतेश्वर की बैटिंग बिल्कुल अलहदा दिखी। पैट कमिंस के बाउंसर और शॉर्ट पिच गेंदों ने उन्हें डराया, धमकाया पर चेतेश्वर कभी परेशान नहीं हुए। हर वो गेंद जो उन्हें दर्द देती गई, उसके बाद चेतेश्वर पुजारा का आत्मबल और उनकी प्रतिबद्धता बढ़ती चली गई।
पिच का क्रैक और लैंगर की कुटिल हंसी
पांचवें दिन का खेल शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर पिच निरीक्षण के लिए आए. एक वीडियो में ये कैद हुआ। वो क्रीज पर आते हैं। शॉर्ट और गुड लेंथ पर दरार देख कर ऐसी हंसी निकालते हैं जैसे एकाध घंटे में ही ऑस्ट्रेलियन बोलर भारत की बखिया उधेड़ने वाले हैं। पर ऐसा हुआ नहीं. कमिंस, हेजलवुड और स्टार्क ने उन दरारों पर गेंद तो डाली पर भारतीय शेर उसे झेलने के लिए मुस्तैद खड़े थे।
-एजेंसियां

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