इन हालातों में विदेशों से भारतीयों को वापस लाने को नहीं कह सकते: सुप्रीम कोर्ट

नई द‍िल्ली। कोरोना वायरस के कारण कई देशों में लॉकडाउन में फ्लाइट की लगभग सारी सेवाएं बंद हो चुकी हैं, ऐसे में आज एक याच‍िका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा क‍ि मौजूदा हालात ऐसे नहीं हैं क‍ि हम विदेश में फंसे लोगों को वापस लाने का आदेश सरकार को दें।

गौरतलब है क‍ि भारत के भी कई नागरिक दूसरे देशों में फंसे हैं, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सबको लाना संभव नहीं और सरकार पर अनावश्यक बोझ हम नहीं डाल सकते।

ईरान, इराक, अमरीका, इंग्लैंड और दूसरे देशों में फंसे लोगों को भारत वापस लाने वाली कई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है। सोमवार को इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी जो जहां है, उसका वहीं रहना उचित है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अभी सबको ले आना संभव नहीं हो सकता। लोग सरकार के पास इसको लेकर आवेदन दें सकते हैं। जहां संभव होगा सरकार ज़रूरी कदम उठाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी।

लगातार एयरलिफ्ट किए जा रहे हैं नागरिक

सरकार जनवरी से ही लगातार विदेश में फंसे नागरिकों को वापस ला रही है। सबसे पहले जनवरी में चीन के वुहान में फंसे नागरिकों को एयरलिफ्ट कराया गया था। इसके बाद ईरान से भी कई लोगों को वापस लाया गया है। इन्हें वापस ला कर सरकार हर किसी को करीब दो हफ्ते तक आईसोलेशलन में रखती है।

रविवार को भी ईरान से लाए गए लोगों को वापस घर भेजा गया। इन सबको नौ सेना के कैंप में मुंबई के घाटकोपर इलाके में रखा गया था। इनमें से ज्यादातर लोग श्रीनगर और लद्दाख के रहने वाले थे।
– एजेंसी

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