करतारपुर Corridor को लेकर भारत और पाकिस्तान की बैठक खत्‍म

नई दिल्‍ली। द्विपक्षीय रिश्‍तों में जारी तनातनी के बीच करतारपुर Corridor को लेकर भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पटरी पर लौटते दिख रहे हैं। करतारपुर Corridor पर पाकिस्तान के साथ हुई बातचीत में भारत ने अपनी मांगें साफ-साफ रख दी हैं।
वाघा वॉर्डर पर हुई बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें रखीं, जिनमें से कुछ पर पाकिस्तान ने अपनी रजामंदी भी दे दी है। भारत ने पाकिस्तान से Corridor का काम जल्द पूरा करने को कहा है। भारत चाहता है कि नवंबर 2019 तक इस Corridor का इस्तेमाल होने लगे। बता दें कि तब गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती है।
5 हजार श्रद्धालुओं की रोजाना एंट्री की बात
बातचीत में भारत ने पाकिस्तान से मांग कि है वह रोजाना 5 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत दे। साथ ही खास मौकों पर इस संख्या को 10 हजार तक बढ़ाने की मांग हुई है।
इसके अलावा भारत चाहता है कि पाकिस्तान भारतीय मूल के लोगों, जिन पर ओसीआई कार्ड (भारतीय विदेशी नागरिकता) हो उनको भी यह सुविधा दे।
पुल बनाने की हुई मांग, पाक राजी
बातचीत में भारत ने पाकिस्तान से अपनी तरफ बन रहे पुल की जानकारी साझा की। इसके साथ ही पाकिस्तान से कहा गया कि वे भी रावी नदी पर अपनी तरफ ऐसा ही पुल बनाए। भारत ने इसके पीछे कारण भी बताए।
दरअसल, भारत को डर है कि पाकिस्तान की तरफ पुल न बनने से पंजाब में मौजूद डेरा बाबा नानक और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। भारत चाहता है कि पुल जल्द से जल्द बने, जिस पर पाकिस्तान ने रजामंदी दी है।
-एजेंसियां

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