भारत ने भी काबुल दूतावास को ख़ाली करने का फ़ैसला किया

काबुल पर तालिबान का कब्ज़ा होने के बाद अधिकतर देशों ने वहाँ से अपने दूतावास कर्मचारियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है. भारत ने भी मंगलवार को अपने दूतावास को ख़ाली करने का फ़ैसला किया.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा हालातों को देखते हुए काबुल में मौजूद भारतीय राजदूत और दूतावास कर्मचारियों को तुरंत भारत वापस लाने का फ़ैसला किया गया है.
इधर समाचार एजेंसी एएनआई ने गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में बदले हालातों के मद्देनज़र भारतीय गृह मंत्रालय ने वीज़ा प्रावधानों में तुरंत कुछ बदलाव करने का फ़ैसला लिया है.
भारत आने वालों को तुरंत वीज़ा मिल सके इसके लिए ‘ई-इमर्जेंसी एक्स वीज़ा’ की एक अलग कैटगरी बनाई गई है.
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत लगातार काबुल में मौजूद हिंदू और सिख समुदाय के नेताओं के साथ संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकताओं में से एक है.
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने बताया कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ चर्चा की है और काबुल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बहाल करने को लेकर भी बात की है.
उन्होंने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होने वाली है जिसमें भारत अपनी चिंताएं साझा करेगा.
इसके बाद अब अफ़ग़ानिस्तान में केवल तीन ही देश रह जाएँगे जिनके दूतावास ख़ुले हैं.
ये देश हैं – रूस, चीन और पाकिस्तान.
इंडोनेशिया ने कहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान का अपना दूतावास बंद करेगा लेकिन वहां पर एक ‘छोटा कूटनीतिक मिशन’ रखना जारी रखेगा.
पाकिस्तान लगातार कह रहा है कि काबुल में उसका दूतावास पूरी तरह से काम कर रहा है.
सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने ट्वीट कर कहा- “काबुल में हमारा दूतावास पूरी तरह से काम कर रहा है और हर तरह की कॉन्सुलर सुविधा मुहैय्या कर रहा है, साथ ही गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष सुविधा केंद्र भी बनाया गया है.”
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वो “स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं” और उनका काबुल दूतावास पाकिस्तानी, अफ़ग़ान और कूटनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को दूतावास संबंधी कामों और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के विमानों के बारे में “ज़रूरी मदद देता रहेगा”.
चीन
चीनी दूतावास ने अभी अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अपना योजनाओं के बारे में कुछ भी नहीं कहा है.
मगर उसने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वो घरों के अंदर रहें और स्थिति के प्रति सचेत रहें.
लेकिन इसके साथ ही चीन ने “अफ़ग़ानिस्तान में भिन्न गुटों” से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है. हालांकि स्थानीय चीनी नागरिकों का कहना है कि चीन को ‘सुरक्षा स्थिति पर अधिक गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है.’
तालिबान के प्रतिनिधि पिछले महीने चीन गए थे जहां उनकी मुलाक़ात चीन के विदेश मंत्री वांग यी से हुई थी.
उस समय इस बैठक को राजनीतिक ताकत के रूप में तालिबान की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता के रूप में देखा गया था.
चीन ने सोमवार को भी कहा कि वो तालिबान के साथ ‘दोस्ताना रिश्ते’ बनाना चाहता है.
रूस
रूसी विदेश मंत्रालय ने भी रविवार को सरकारी मीडिया से कहा था कि सरकार की दूतावास कर्मचारियों को बाहर निकालने से जुड़ी कोई योजना नहीं है.
हालाँकि उसने ये भी कहा था कि वो अपने दूतावास के कुछ कर्मचारियों को वापिस बुलाएगा.
मंगलवार को रूसी राजदूत दिमित्री ज़िरनॉफ़ तालिबान के नेताओं से मुलाक़ात करने वाले हैं.
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *