गवर्नर Ram Naik ने कहा- पेट्रोलियम प्रोडक्ट के बढ़ते मूल्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी समस्या

कृषि वि. वि. के दीक्षांत समारोह में गवर्नर Ram Naik ने 588 छात्र-छात्राओं को प्रदान की गई उपाधि

फैज़ाबाद। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौधोगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में आयोजित दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल Ram Naik ने 42 छात्र – छात्राओं को स्वर्ण पदक, 588 छात्र – छात्राओं को उपाधि वितरित की एवं गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति को मानद उपाधि प्रदान की।

इससे पूर्व कृषि वि. वि ने प्रदेश के गवर्नर Ram Naik को गार्ड ऑफ़ आनर दिया व् द्वीप प्रज्ज्वलित कर कृषि वि. वि. के दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया एवं वि. वि. के कुलपति जे. एस. संधू ने राजयपाल को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

इस मौके पर राजयपाल रामनाईक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा की पेट्रोलियम प्रोडक्ट के बढ़ते मूल्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बडी समस्या है इसका हल तलाशना जरूरी है उन्होंने कहा की वाजपेयी जी के शाशन काल में विकल्प के रूप में एथेनॉल का प्रयोग शुरू हुआ था जिसे कांग्रेस के शासन काल में इस योजना को बंद कर दिया गया था जिसे पुनः मोदी सरकार शुरू कर रही है।

इस दाौरान जब गवर्नर Ram Naik से पूछा गया की एससी एसटी के विरोध में भारत बंद पर आप क्या कहना चाहेंगे तो इस पर चुप्पी साध ली और कहा की यह राजनीतिक विषय है, उन्होंने कहा की कृषि क्षेत्र को संवृद्ध करने के लिए कृषि शिक्षा को गुणवत्ता बनाने की जरूरत है।

पावन भूमि सभ्यता एवं संस्कृति की प्रतीक: Ram Naik

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति और प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यहां की पावन भूमि सभ्यता एवं संस्कृति की प्रतीक है। यही से पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के 588 छात्र-छात्राओं को दिए गए उपाधियों में से 522 छात्रों एवं छात्राओं के शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह इस बात का परिचायक है कि छात्रा भी कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और महिला सशक्तिकरण पूरी तरह से दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 28 में से 26 विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है। 84 दिनों में सभी विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मात्र 13 दिनों में 6 विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह पूरा होना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं से कहा कि माता-पिता ने अपनी दैनिक आवश्यकताएं किनारे रखकर आपको शिक्षा-दीक्षा दिलाने का काम किया है, इसलिए आज ही शपथ ले लो और हमेशा याद रखो ऐसा उद्योग लगाओगे जिससे माता पिता के साथ समाज को भी फायदा और लाभ हो। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, प्रमाणिकता और पारदर्शिता जितना ज्यादा से ज्यादा होगी उतना ही आगे जाया जा सकता है। शॉर्टकट का भाव कभी नहीं रखना चाहिए। असफलता का आत्म निरीक्षण करो तथा सोचो, तैयारी करो, कोशिश करो, हिम्मत कभी न हारो, यदि ऐसे प्रयास रहे तो सफलता एक दिन निश्चित आपका कदम चूमेगी।
फ्री वाई-फाई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए प्रयास जारी: डॉ. परमलाल
दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि पधारे डॉ. परमलाल गौतम को कुलाधिपति राम नाईक ने मानद उपाधि प्रदान की। समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जेएस संधू ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में फ्री वाई-फाई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए मेरे द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहा है तथा सौर ऊर्जा प्लांट एवं रिलायंस जियो से अनुबंध स्थापित किए जाने की प्रक्रिया गतिमान है। कुलपति श्री संधू ने कहा कि मेरे प्रयास से न्यायालयों में लंबित विश्वविद्यालय के वादों में कमी आई है और विश्व विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन विसंगति को भी दूर किए जाने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने उपाधि और मेडल प्राप्त करने वाले छात्र -छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना की।
समय-समय पर सहयोग देता रहूंगा : डॉ. परम लाल
मानद उपाधि से नवाजे गए विशिष्ट अतिथि डॉ. परम लाल गौतम ने कहा कि आज के दिन हम भी एक विद्यार्थी के तरह हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही पुण्य अवसर है। उन्होंने अपने सेवाकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश से ही अपना सेवाकाल शुरू किया था जब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एक में ही था। उस समय देश आजाद होने के बाद देश का सर्वप्रथम विश्वविद्यालय स्वतंत्रता के बाद गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय पंतनगर के नाम से स्थापित किया गया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में विकसित की गई गेहूं और धान की प्रजातियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर अच्छे अध्यापक का उद्देश्य रहता है कि अच्छे से अच्छे शिक्षक और अच्छे से अच्छा शोधकर्ता देश के विश्वविद्यालयों को तैयार करके दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब भी विश्वविद्यालय को मेरी आवश्यकता पड़ेगी समय-समय पर सहयोग देता रहूंगा। उन्होंने कहा कि जब संस्था अपने दायित्वों को समझ कर आगे बढ़े तो राष्ट्र के लिए शुभ संकेत होता है तथा संस्था के आगे बढ़ने के साथ-साथ देश भी आगे बढ़ता है।
विश्वविद्यालय की कृषि शिक्षा प्रणाली को गति देना होगा :डॉ. पंजाब सिंह
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. पंजाब सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय कृषि को तेज गति से आगे बनाने के लिए न्यूनतम ऊर्जा के उपयोग से संचालित होने वाले कृषि उपकरणों तथा सिंचाई प्रणाली के विकास व प्रसार के दौर में सौर ऊर्जा व अन्य वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों को उपयोग की आवश्यकता की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने गुणवत्तायुक्त शिक्षा को वर्तमान की तुरंत आवश्यकता बताया तथा कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विकसित हो रही तकनीकी तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास की दृष्टि से विश्वविद्यालय की कृषि शिक्षा प्रणाली को गति देना होगा।
इस मौके पर प्रमुख रुप से विश्व विद्यालय प्रबंध परिषद सदस्य व मिल्कीपुर भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा, विधायक रामचंद्र यादव, मंडलायुक्त मनोज मिश्र, जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार पाठक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित, प्रबंध परिषद सदस्य सुचिता तिवारी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक विद्वत परिषद सदस्य, प्रबंध परिषद सदस्य एवं छात्र- छात्राएं प्रमुख रुप से मौजूद रहे।

-संदीप श्रीवास्‍तव

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