डेडलाइन के बावजूद करदाताओं से लेट फाइलिंग फीस वसूल रहा IT पोर्टल

नई दिल्‍ली। आयकर विभाग वित्त वर्ष 2020-21 (आंकलन वर्ष 2021-22) के मामले में व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर चुका है लेकिन फिर भी करदाताओं पर लेट फीस लग रही है।
कई करदाता शिकायत कर रहे हैं कि आयकर पोर्टल पिछले कुछ दिनों से रिटर्न दाखिल करने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फीस चार्ज कर रहा है। टैक्स फाइलर्स सोशल मीडिया के जरिए आयकर विभाग से अनुरोध कर रहे हैं कि सर्वर से लेट-फाइलिंग फीस को हटा लिया जाए।
आयकर नियमों के अनुसार यदि कोई करदाता निर्धारित समय के अंदर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करता है और डेडलाइन गुजरने के बाद ऐसा करता है तो उसे देय कर पर ब्याज का भुगतान करना होगा। आयकर कानून के सेक्शन 234F के अनुसार डेडलाइन गुजरने के बाद फाइल किए जाने वाले विलंबित रिटर्न के लिए शुल्क मैक्सिमम 10000 रुपये है। यदि व्यक्ति की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है तो भुगतान की जाने वाली लेट-फाइलिंग फीस की राशि 1,000 रुपये होगी।
तकनीकी खामी हो सकती है वजह
ऐसा माना जा रहा है कि इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर अभी से लेट फाइलिंग फीस की डिमांड एक तकनीकी खामी हो सकती है। या फिर यह भी हो सकता है कि आयकर विभाग ने बढ़ी हुई डेडलाइन्स के साथ टैक्स फाइलिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट न किया हो।
-एजेंसियां

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