Income tax विभाग ने 2 साल में ज़ब्त की 6900 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति

नई दिल्‍ली। 1 नवंबर 2016 को संशोधित बेनामी कानून लागू होने के बाद से Income tax विभाग ने मंगलवार को विज्ञापन के जारी कर यह जानकारी दी कि 2 वर्ष में कुल 6900 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति ज़ब्त की गई।

बेनामी लेन-देन वालों को 7 साल तक की सजा का प्रावधान
Income tax विभाग ने विज्ञापन में कहा है कि बेनामी लेन-देन से जुड़े लोगों को 7 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही संपत्ति की कीमत के 25% के बराबर जुर्माने का भी प्रावधान है।

गलत सूचना देने वाले लोगों को 5 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बेनामी संपत्ति की कीमत के 10% तक जुर्माना भी लगता है। आयकर विभाग ने अपील की है कि लोग बेनामी लेन-देन खत्म करने में मदद करें।

बेनामी संपत्ति क्या है ?
किसी चल या अचल संपत्ति का असली मालिक उसे किसी और के नाम कर देता है तो यह बेनामी संपत्ति कहलाती है। Income tax से बचने के लिए लोग ऐसा करते हैं।

हालिया मामला 17 जनवरी को मध्यप्रदेश के बर्खास्त आईएएस जोशी दंपती की 220 एकड़ की बेनामी जमीन अटैच करने का है

गौरतलब है कि गत 17 जनवरी को मध्यप्रदेश के बर्खास्त आईएएस जोशी दंपती की 220 एकड़ की बेनामी जमीन अटैच की थी। यह जमीन रायसेन, सीहोर, बालाघाट जिलों में है, जोकि अरविंद जोशी की बहन आभा घानी और विभा जोशी के नाम पर खरीदी गईं थी। एक अन्य फैसले में बेनामी के एडजुकेटिंग विंग ने दंपती की 3.2 करोड़ रुपए की बीमा पॉलिसियों में अटैचमेंट कंफर्म कर दिया है। विभाग ने यह अटैचमेंट पिछले साल किया था। जोशी दंपती ने इसके खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करके अटैचमेंट न करने की गुहार लगाई थी।

उन्होंने Income tax विभाग से जांच के और दस्तावेज देने को कहा था। हाईकोर्ट ने जोशी दंपती की मांग खारिज कर दी थी। अटैचमेंट कंफर्म करने के लिए विभाग ने पॉलिसी जारी करने वाली आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की तत्कालीन मैनेजर सीमा जायसवाल और अपने खाते में पैसा डलवाकर चेक जारी करने वाले 17 बैंक मैनेजर से भी पूछताछ की। सीमा के जरिए जोशी दंपती ने कुल 33 बीमा पॉलिसी लीं थी। हर पॉलिसी ने बैंक मैनेजर्स के जरिए 10 से ज्यादा चेक और डीडी जारी करवाए गए थे।

-एजेंसी

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