Flipkart के संस्थापक सचिन और बिन्नी बंसल को इनकम टैक्स विभाग ने दिया नोटिस

Flipkart के संस्थापक सचिन और बिन्नी बंसल को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिला है। आईटी नोटिस में दोनों से अपनी कंपनी को वॉलमार्ट इंटरनेशनल को बेचने से हुई कुल आय और कैपिटल गेन का खुलासा करने को कहा गया है। फिलहाल दोनों ही Flipkart से बाहर हो चुके हैं।
आगे-पीछे दोनों ही Flipkart से हुए अलग
9 मई 2018 को वॉलमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग और Flipkart के बीच शेयर-परचेज एग्रीमेंट पर दस्तखत हुए थे। डील के मुताबिक वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 77 प्रतिशत शेयरों को करीब 16 अरब डॉलर में खरीदा था। इस सौदे के बाद सचिन बंसल ने फ्लिपकार्ट में अपनी 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी को 1 अरब डॉलर में बेच दिया और कंपनी से पूरी तरह अलग हो गए। बिन्नी बंसल वॉलमार्ट डील के बाद भी फ्लिपकार्ट के CEO बने रहे, हालांकि खुद पर यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद नवंबर 2018 में उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया।
भाई या रिश्तेदार नहीं हैं दोनों
दोनों के नाम के आगे बंसल जरूर लगा है, लेकिन दोनों में कोई रिश्तेदारी नहीं है। दोनों चंडीगढ़ में पले-बढ़े और आईआईटी दिल्ली में पढ़े। पढ़ाई के बाद दोनों ने करीब 1 साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया और फिर 2006 में ऐमजॉन में साथ हो गए। यहीं पर दोनों के बीच आंट्रप्रन्योरशिप की भावना प्रबल हुई। ऐमजॉन छोड़ने के बाद दोनों ने फ्लिपकार्ट की नींव रखी।
2017 में रखी फ्लिपकार्ट की नींव
सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने 15 सितंबर 2007 को ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट की शुरुआत की। दोनों की मुलाकात आईआईटी दिल्ली में हुई थी। शुरुआत में इस पर किताबों की बिक्री शुरू की गई। कंपनी का पहला ग्राहक महबूब नगर (वर्तमान में तेलंगाना में) से एक इंजिनियर था। पूरे साल उनका बिजनेस कुछ खास नहीं चला और उस साल उन्होंने मात्र 20 शिपमेंट किए।
खड़ी की देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी
आईआईटी दिल्ली के दोनों ग्रेजुएट्स की अनोखी सोच ने देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी की नींव रखी। किताबों की ऑनलाइन बिक्री से लेकर इंटरनेट पर एक बड़ा साम्राज्य खड़ा करने में बिन्नी बंसल और सचिन बंसल की भूमिका बहुत बड़ी है।
पहले सचिन बंसल ने कंपनी छोड़ी और बाद में बिन्नी बंसल ने भी कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
धीरे-धीरे छा गई फ्लिपकार्ट
जब लोगों का फ्लिपकार्ट में आकर्षण बढ़ना शुरू हुआ, तो इसे देखते हुए कंपनी ने साल 2008 में अपना पहला ऑफिस बेंगलुरु के कोरमंगला में खोला। प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के लिए सचिन और बिन्नी ने 24X7 कस्टमर केयर सर्विस खोला। इस साल फ्लिपकार्ट ने 3,400 से अधिक शिपमेंट किए। साल 2009 में सचिन और बिन्नी बंसल ने पहला फुल टाइम एम्प्लॉई अंबुर अयप्पा को हायर किया, जो आगे चलकर करोड़पति बन गए। एस्सेल पार्टनर्स इसकी पहली वेंचर कैपिटल कंपनी बनी। इसने कंपनी में 10 लाख डॉलर का निवेश किया। फ्लिपकार्ट ने दिल्ली और मुंबई में भी ऑफिस खोला।
‘कैश ऑन डिलिवरी’ को इंट्रोड्यूस किया
भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर में दोनों ने कई सफल प्रयोगों की अगुआई भी की। भारतीय उपभोक्ताओं के जीवन में नकदी की महत्ता को देखते हुए फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2010 में ‘कैश ऑन डिलीवरी’ सेवा की शुरुआत की। इसके साथ ही इसी साल कंपनी ने एकार्ट नाम से लॉजिस्टिक आर्म को भी शुरू किया। इसने अपने प्रोडक्ट कैटिगरी में म्यूजिक, मूविज, गेम्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल को शामिल किया। फ्लिपकार्ट ने अपना पहला अधिग्रहण वीरीड पोर्टल का किया।
थर्ड पार्टी मार्केट प्लेस को बढ़ावा
कंपनी ने साल 2012 में मोबाइल ऐप लॉन्च किया। प्लेटफॉर्म को पीसीआई डीएसएस सर्टिफिकेशन भी मिला। कंपनी ने लेट्सबाय नामक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल कंपनी का अधिग्रहण किया। उसने थर्ड पार्टी सेलर्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए मार्केट प्लेस मॉडल को अपनाया। इस फैसले को बाजार का तत्काल समर्थन मिला और एक दिन में वह 1,00,000 किताबें बेचने में कामयाब रही। कंपनी ने प्लेटफॉर्म पर एक नया विमिंज लाइफस्टाइल कैटिगरी भी जोड़ा।
बिग बिलियन डेज की शुरुआत
कंपनी ने साल 2014 में बिग बिलियन डेज की शुरुआत की। कंपनी ने इस साल फैशन रिटेलर मिंत्रा में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी। साथ ही उसने आफ्टर सेल्स सर्विस प्रोवाइडर जीव्स में भी हिस्सेदारी खरीदी। साल 2015 में कंपनी ने कई नई लांचिंग करने के साथ अधिग्रहण और फंडरेजिंग राउंड को पूरा किया।
सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में बनाई जगह
साल 2016 में बिन्नी बंसल के हटने के बाद सचिन बंसल कंपनी के सीईओ बने। सचिन बंसल कंपनी के पहले कार्यकारी चेयरमैन बने। इस साल टाइम्स मैग्जीन ने दोनों को दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में सूची में शामिल किया।
…और वॉलमार्ट की हो गई फ्लिपकार्ट
इसी साल वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली। इसी साल गूगल प्ले स्टोर पर फ्लिपकार्ट की डाउनलोडिंग भी एक करोड़ को पार कर गई। सॉफ्टबैंक विजन फंड ने फ्लिपकार्ट में 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया और इसके सबसे बड़े हिस्सेदारों में शुमार हो गया।
-एजेंसियां

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