कला-साहित्य और संस्कृति के संगम दून लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज़

कला, साहित्य, संस्कृति का संगम देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल आज से दून इंटरनेशनल रीवरसाइड कैंपस में आगाज हो गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मभूषण रस्किन बांड और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर हैं। यहां न केवल साहित्य जगत के सितारे होंगे बल्कि फिल्म जगत में अलग ओहदा रखने वाले कलाकार और निर्देशक भी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न स्कूलों से कई छात्र भी पहुंचे हैं।
लाइव अपडेट
5: 50 बजे: तीसरे सत्र ‘कीपर्स ऑफ द कालचक्र’ में राइटर अश्विन सांघी ने संवाद किया। वहीं इसी सत्र में धैर्य अरोड़ा की पुस्तक एवरीवन हेज ए मिथ टू टैल का विमोचन भी किया गया।
5:30 बजे: इस सत्र में रस्किन बांड ने बताया कि जब मैं स्कूल में था कि टीचर उनकी पिटाई करती थी इसलिए उन्होंने मार से बचने लिए अपने पास किताबे रखीं जिन्‍हें वो बहुत छोटी उम्र से ही पढ़ने लगे।
5:15 बजे: दूसरे सत्र ‘रीडिंग बुक विद रस्किन बांड’ में दून स्कूल, बेल्हम गर्ल्स, एमकेपी और दून इंटरनेशनल स्केल के हेड ज्योत्सना, अर्चना गोयल, गुरमीत बिंद्रा और हरिंदर मन ने चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें अच्छी किताबों को बच्चों के साथ शेयर करना चाहिए। तभी बच्चों में किताबे पढ़ने की आदत बढ़ेगी।
5:00 बजे: रस्किन बांड ने कहा कि साहित्य ही एक मात्र साधन है दुनिया को बदले का। जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आते हैं, लेकिन रुकना नहीं चाहिए। अपने लक्ष्य को देखें और उसका पीछा करें।
04:45 बजे: एक छात्रा ने रस्किन बांड से उनकी एक कविता पढ़ने के लिए कहा। रस्किन ने अपनी एक कविता पढ़कर सुनाई। वहीं एक और छात्रा मेधा ने पूछा की आपने लिखने के लिए मसूरी को ही क्यों चुना? इस पर रस्किन ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मैं यहीं पला हूं। यहीं पढ़ाई भी की है। विदेशों में भी गया लेकिन मुझे प्रकृति और शांति की अच्छी लगती है। कविताएं और किताब लिखने के लिए शांति और खूबसूरत वादियां बेहद जरूरी हैं इसलिए मैं यहां आया तो यहीं रह गया।
04:25 बजे: पहला सेशन खत्म होने के बाद अब दूसरे सेशन में विभिन्न स्कूलों से आए बच्चे रस्किन बांड से अपने सवाल पूछेंगे।
04:20 बजे: अनुराग सहगल ने कहा कि फेस्ट का मतलब केवल मजा मस्ती ही नहीं है बल्कि संवाद है। जिसमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
04:15 बजे: पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि यह हमारे लिए कला और संस्कृति को समझने का सुनहरा अवसर है। इसमें युवा पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने के लिए मिलेगा।
04:10 बजे: मां शीला ने कहा कि कला और संस्कृति के इस संगम में आने के लिए मैं सभी का शुक्रिया करती हूं।
04:00 बजे: कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मभूषण रस्किन बांड और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने किया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों से आए छात्रों ने जोरदार तालियों से सबका स्वागत किया।
अभिनेता पंकज कपूर और निर्देशक-लेखक इम्तियाज अली भी पहुंचेंगे
अगर आप हल्ला बोल, दस, मकबूल, राम जाने जैसी हिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके अभिनेता पंकज कपूर के फैन हैं तो आप उन्हें 13 अक्तूबर को शाम 7 से 8 बजे के सेशन में सुन सकते हैं।
अगर आप जब वी मेट के निर्देशक और लेखक इम्तियाज अली के फैन हैं तो आप उनसे 12 अक्तूबर को शाम 7 से 8 बजे रूबरू हो सकते हैं। अगर आप फिल्म हैदर के निर्माता, पटकथा लेखक, संगीतकार, फिल्म कमीने और ओमकारा के निर्देशक विशाल भारद्वाज के फैन हैं तो आप उनसे 13 अक्तूबर को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मिल सकते हैं।
अगर आप रस्किन बांड के फैन हैं तो आज जरूर आइए
अगर आप रस्किन बांड के फैन हैं तो उनसे आज ही शाम 4 बजे के सत्र में रूबरू हो सकते हैं। अगर पत्रकारिता में आप करन थापर के फैन हैं तो उन्हें आज शाम 7:30 बजे उन्हें सुन सकते हैं।
ओशो की भक्ति से लाभान्वित हैं तो आपके लिए मां शीला से मिलने का सुनहरा मौका है। मां शीला 32 साल के बाद इंडिया लौटी हैं। यह साहित्यप्रेमियों, ओशो भक्तों के लिए अच्छा मौका है।
आज पहले दिन यह सत्र होंगे आयोजित
आज उद्घाटन समेत कुल छह सत्र होंगे। कार्यक्रम और आयोजन स्थल इस तरह रहेंगे।
समय – सत्र – वेन्यू – वक्ता/अतिथि
दोपहर 3.30 से 4 बजे – उद्घाटन – मेन ऑडी – पद्मभूषण रस्किन बांड व कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ (सेनि)
4 से 4.45 बजे – खुली किताब – मेन ऑडी – रस्किन बांड और स्कूली बच्चों का संवाद
(इसी सत्र में अशानी तनेजा की किताब बैड ब्लड फ्रेनेमीस का विमोचन भी होगा)
4.45 से 5.30 बजे – फॉर द लव ऑफ रीडिंग – मेन ऑडी – रस्किन बांड का सभी स्कूल हेड से संवाद
5.30 से 6.30 बजे – कीपर्स ऑफ द कालचक्र – मेन ऑडी – अश्विन सांघी
(इसी सत्र में धैर्य अरोड़ा की पुस्तक एवरीवन हेज ए मिथ टू टैल का विमोचन भी होगा)
6.30 से 7 बजे – द ताशकंद फाइल्स – कोलेजियम – विवेक रंजन अग्निहोत्री, सुनील शास्त्री
7.30 से 8 बजे – द डेविल्स एडवोकेट (रिविलिंग द ट्रूूथ) – कोलेजियम – करन थापर
-एजेंसियां

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