NMIC की नई बिल्‍डिंग का उद्घाटन कर पीएम ने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के अंदाज में पूछा, ‘हाउ इज द जोश’

NMIC  में 40 गैलरी में मिलेगा पूरा सिनेमा

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई में NMIC (नेशनल म्यूजियम ऑफ इंडियन सिनेमा)  की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि  भारत के सॉफ्ट पावर की शक्ति में हमारी फिल्मों की बड़ी भूमिका है। दुनिया को भी वह अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं। हमारी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर तो धूम मचाती ही हैं, साथ ही पूरे विश्व में भारत की साख बढ़ाने, भारत का ब्रैंड बनाने में भी बड़ा रोल प्ले करती हैं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई में नेशनल म्यूजियम ऑफ इंडियन सिनेमा की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्यवर्धन सिंह राठौर, सीबीएफसी बोर्ड प्रमुख प्रसून जोशी, मनोज कुमार, आशा भोंसले, एआर रहमान, आमिर खान सहित कई बॉलीवुड सेलेब्स मौजूद रहे।

गौरतलब है इस म्यूजियम में विज़ुअल और ग्राफिक्स, फिल्म क्लिपिंग जैसे इंटरेक्टिव माध्यम से भारतीय सिनेमा की कहानी सुनाई जाएगी।

बनाई गई है गांधी गैलरी

म्यूजियम के एक हिस्से में गांधी गैलरी भी बनाई गई है। जहां महात्मा गांधी और उनके दर्शन पर आधारित फिल्मों की प्रदर्शनी लगी है। इस म्यूजियम में 40 से ज्यादा इंटरेक्टिव गैलरीज हैं और यह इमारत करीब 8000 वर्ग मीटर में फैली है।

इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में इस्तेमाल किए गए डायलॉग का भी प्रयोग किया। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से पूछा- ‘हाउ इज द जोश’। बता दें कि इस फिल्म में यह नारा आर्मी के जवान जोश भरने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
भारतीय फिल्मों की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी फिल्मों में मानवीयता की भावनाओं को बेहतरीन तरीके से पेश किया जाता है। उन्होंने आगे कहा, ‘बात चाहे फन पैदा करने की हो या फैन बनाने की है, हम हर जगह आगे हैं। आज युवा अगर बैटमैन का फैन है तो बाहुबली का भी फैन है। हमारे किरदारों की भी ग्लोबल अपील है। फिल्में ही भारतीयता का पूरे विश्व में प्रतिनिधित्व करती हैं। ये फिल्में दुनिया को आकर्षित करती हैं और पूरे विश्व में भारत को ब्रैंड बनाने में बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं।’
पीएम मोदी ने सुनाए कई किस्से
पीएम मोदी ने भारतीय फिल्मों में भावुकता की तारीफ करते हुए एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, ‘एक बार एक विदेश यात्रा के दौरान मुझसे एक व्यक्ति ने पूछा कि भारतीय फिल्मों में लोग मंदिर में रोते हैं, पैर पकड़ लेते हैं, ऐसा क्यों है? सोचिए कि वह व्यक्ति भारत की फिल्मों में भावनात्मकता देखकर हैरान है और यही हमारी सफलता है।’ पीएम मोदी ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘ईचक दाना, ईचक दाना’ गाना पूरा सुनाया था, भले ही उन्हें इसका मतलब न पता हे।
पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में ही पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पहले तकनीक के अभाव में फिल्में बनने में सात-आठ साल लग जाते थे। आप यह देखिए कि पहले सरकारी योजनाओं के साथ यही होता था, 30 साल 40 साल में योजनाएं पूरी होती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं है।’
कम्युनिस्टों पर तंज के बहाने भारतीय फिल्मों की तारीफ
मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री से भी जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, ‘एक कार्यक्रम में मैंने कई देशों के नेताओं को परिवार सहित बुलाया था। ज्यादातर लोग परिवार के साथ आए भी थे लेकिन वियतनाम के प्रधानमंत्री अकेले आए। उनका देश कम्युनिस्ट है और वह खुद भी कम्युनिस्ट हैं। अब आप तो जानते ही हैं, कम्युनिस्टों को। यहां भी कुछ कम्युनिस्ट हैं, उन्हें धक्का लग सकता है। खैर, वियतनाम के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पत्नी रामायण सीरियल देखने में व्यस्त हैं, इसलिए वह साथ नहीं आईं।’
फिल्म इंडस्ट्री से टूरिजम को बढ़ावा मिलने की बात कहते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में कई सारे पर्यटन स्थल फिल्मों की वजह से जाने जाते हैं, पर्यटन को बढ़ाने में बहुत बड़ा रोल फिल्म इंडस्ट्री निभा सकती है। टूरिजम गरीब से गरीब को रोजगार देता है, चाय वाला भी कमाता है।’
‘साढ़े चार साल में खत्म किए 1400 कानून’
फिल्म निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, ‘फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए एक पोर्टल बनाया जा रहा है, जिससे आपका काम आसानी से हो जाएगा और तय समय में हो जाएगी। भविष्य में आपको शूटिंग की परमिशन के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। हमने अपने कार्यकाल में अब तक 1400 कानून खत्म किए ताकि प्रक्रिया सरल हो।’

-एजेंसी

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