Self4Society कार्यक्रम में पीएम मोदी बोले- आईटी से सोसायटी की यात्रा है ‘मैं नहीं हम’

Self4Society मैं सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ हूं, मुझे जो सूचना परोसी जाती है, उसका शिकार नहीं हूं: पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को Self4Society के तहत आईटी प्रोफेशनल्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हर कोशिश, चाहे छोटा हो या बड़ा, मल्यूवान होता है। सरकार स्कीम ला सकती है, बजट दे सकती है। लेकिन इसकी सफलता सार्वजनिक भागीदारी पर निर्भर है। उन्होंने कहा, मैं सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ इंसान हूं। इसलिए मुझे जो इनफोरमेशन परोसी जाती है मैं उस इनफोरमेशन का शिकार नहीं हूं। जो इनफोरमेशन मुझे चाहिए वो मैं खोज लेता हूं।

पीएम मोदी ने Self4Society में कहा, भारत के युवा बेहतर रूप से टैक्नोलॉजी की पावर का लाभ उठा रहे हैं। वे टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल न सिर्फ खुद के लिए करते हैं बल्कि दूसरों का भी कल्याण करते हैं। यह अच्छा संकेत है। पीएम ने कहा, स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक बापू की चश्मा है, बापू प्रेरणा हैं और हम बापू के विजन को पूरा कर रहे हैं।

पीएम ने कहा, स्वयंसेवी प्रयासों के माध्यम से, कृषि सेक्टर में बहुत कुछ किया जा सकता है। युवाओं को हमारे उद्यम और किसानों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे में हम कितनी ही पहल करे, कितनी ही योजनाएं बनाए, बजट दे लेकिन किसी भी पहल की सफलता लोगों की भागीदारी में निहित है। मोदी ने कहा कि दुनिया भी अब हिन्दुस्तान को इंतजार करते हुए नहीं देखना चाहती, हिन्दुस्तान दुनिया को लीड करे इस अपेक्षा के साथ देख रही है। हमें दुनिया की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। स्वच्छ भारत अभियान के संदर्भ में एक पेशेवर के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि स्वच्छ भारत अभियान के प्रतीक से जुड़ा चश्मा भी महात्मा गांधी का है और इसकी दृष्टि भी गांधी की ही है।

उन्होंने कहा कि वह तो एक तरह से प्रायश्चित कर रहे हैं, स्वच्छता का जो कार्य चल रहा है, वह सेवा से ज्यादा प्रायश्चित है। मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने वर्षो तक अपने आप को देश की आजादी के लिये खपा दिया । उन्होंने अपने नेतृत्व से देश के लिये स्वतंत्रता तो प्राप्त की लेकिन स्वच्छता हासिल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हम सभी इसके लिये जिम्मेदार हैं । ऐसे में वह एक बार फिर जोर देना चाहते हैं कि स्वच्छता गांधी की सोच है ।

उन्होंने कहा कि गांव में महिलाओं को जब खुले में शौच के लिये जाना पड़ता है तो उन्हें बहुत पीड़ा होती है। मोदी ने कहा कि कुछ काम सरकार नहीं कर सकती और जो काम सरकार नहीं कर सकती, वह संस्कार कर सकती है। स्वच्छता का विषय संस्कार से जुड़ा है। ऐसे में सरकार एवं संस्कार मिल जाए तो चमत्कार हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्ति हैं लेकिन जो सूचना परोसी जाती है, वे उसका शिकार नहीं होते हैं। जो सूचना उन्हें चाहिए वे उसे ढूंढकर प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आज 25 से 40 वर्ष के बीच की जो पीढ़ी है, उसमें सहज भाव से काम करने की प्रेरणा है। इसमें सामुहिकता का भाव जुड़ जाए तो ताकत बनकर उभरती है। इसे एक मिशन से जोड़ लें तो परिवर्तन आना शुरू हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तकदीर तकनीक में है और जो प्रौद्योगिकी युवाओं के पास है, वह भारत की तकदीर से जुड़ा है। उन्होंने ‘मैं नहीं हम पोर्टल के संदर्भ में कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि ‘मैं’ को खत्म कर रहे हैं बल्कि ‘मैं’ का विस्तार है। इसका आशय स्व से समष्टि की ओर बढना है क्योंकि आखिर वृहद परिवार में आनंद का अनुभव होता है। मोदी ने कहा कि वह देखते हैं कि भारत युवा प्रौद्योगिकी का शानदार ढंग से उपयोग कर रहा है और वह इसका न केवल अपने लिये कर रहे हैं बल्कि दूसरों के लिये भी कर रहे हैं। मैं इसे शानदार संकेत के रूप में देखता हूं।

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