‘मन की बात’ में मोदी ने वायु प्रदूषण और पराली जलाने का मुद्दा उठाया

नई दिल्‍ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के अपने संबोधन में पंजाब के एक गांव के लोगों की सराहना की। पीएम मोदी ने वायु प्रदूषण और पराली जलाने के मुद्दे पर बोलते हुए कहा, ‘पंजाब का एक गांव कल्लर माजरा इसलिए चर्चित हुआ है क्योंकि वहां के लोग धान की पराली जलाने की बजाय उसे जोतकर उसी मिट्टी में मिला देते हैं। कल्लर माजरा और उन सभी जगहों के लोगों को बधाई जो वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए अपना श्रेष्ठ प्रयास कर रहें हैं।’ पीएम ने इस कार्यक्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल की उपलब्धियों को याद किया। पीएम ने कहा कि वह 31 अक्टूबर को गुजरात में स्टैचू ऑफ लिबर्टी को देश को समर्पित करेंगे। यह स्टैचू दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति होगी। भारत के लिए यह गर्व करने वाला क्षण होगा। पीएम ने साथ ही पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को भी श्रद्धांजलि दी।
पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में किसानों से पराली न जलाने की भी अपील की। बता दें कि बीते कई सालों से सर्दियों के मौसम में दिल्ली और आसपास के इलाकों में धुंध छा जाती है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इसकी एक बड़ी वजह हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा पराली (धान की फसल का अवशेष) को जलाया जाना भी है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों को त्योहारी सीजन की बधाई भी दी। उन्होंने कहा, ‘प्रिय देशवासियों अक्टूबर का महीना समाप्त होने वाला है। सर्दियां आने वाली हैं, मौसम बदल रहा है। त्योहारों का सीजन भी आने ही वाला है। धनतेरस, दीपावली, भैयादूज और छठ आने वाले हैं। इस तरह से यह कहा जा सकता है कि नवंबर महीना उत्सव का माह है।’
पटेल की जयंती होगी खास
पीएम ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती इस बार खास होगी। उन्होंने कहा कि 27 जनवरी 1947 को विश्व की प्रसिद्ध ‘टाइम’ मैगजीन ने जो संस्करण प्रकाशित किया था, उसके कवर पेज पर सरदार पटेल का फोटो लगा था। अपनी ली स्टोरी में उन्होंने भारत का एक नक्शा दिया था और ये वैसा नक्शा नहीं था जैसा हम आज देखते हैं। ये एक ऐसे भारत का नक्शा था जो कई भागों में बंटा हुआ था। तब 550 से ज्यादा देशी रियासते थीं। भारत को लेकर अंग्रेजों की रुचि खत्म हो चुकी थी, लेकिन वो इस देश को छिन्न-भिन्न करके छोड़ना चाहते थे। गांधी जी ने सरदार पटेल से कहा कि राज्यों की समस्याएं विकट हैं और केवल आप ही इनका हल निकाल सकते हैं। सरदार पटेल ने सभी रियासतों का भारत में विलय कराया और देश को एकता के सूत्र में पिरोने के असंभव कार्य को पूरा कर दिखाया।
एकता के बंधन में बंधे इस राष्ट्र को देख कर हम स्वाभाविक रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल का पुण्य स्मरण करते हैं। इस 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयन्ती और भी विशेष होगी। इस दिन सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए हम स्टैचू ऑफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस प्रतिमा की ऊंचाई अमेरिका के Statue of Liberty से दोगुनी है। यह विश्व की सबसे ऊंची गगनचुम्बी प्रतिमा है।
पहले विश्व युद्ध का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए इस वर्ष 11 नवंबर का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दिन 100 वर्ष पूर्व प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ था। उस दौरान हुए भारी विनाश और जनहानि की समाप्ति की एक सदी पूरी हो जाएगी। जब कभी भी विश्व शान्ति की बात होती है तो इसको लेकर भारत का नाम और योगदान स्वर्ण अक्षरों में अंकित दिखेगा।
-एजेंसियां

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