ADG की पीसी, बुलंदशहर हिंसा मामले में योगेश राज को बनाया मुख्‍य आरोपी

ADG ने कहा- अभीतक किसी संगठन का नाम लेना जल्‍दबाजी होगी, योगेश राज के अलावा शिखर अग्रवाल, उपेंद्र राघव को भी नामजद किया गया है

मेरठ। स्याना थाने के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में ADG लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की, इसमें उन्होंने कई बातों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा कि किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है।
ADG ने बताया कि बुलन्दशहर की स्याना कोतवाली में उपनिरीक्षक सुभाष सिंह ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज, भाजपा युवा स्याना के नगराध्यक्ष शिखर अग्रवाल, विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव को भी नामजद किया गया है।
किसी निर्दोष को सजा न हो इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है जिससे निष्पक्ष जांच हो सके।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच हो रही है।

इंस्पेक्टर सुबोध को दिया गया शहीद का दर्जा, दी गई राजकीय सलामी
सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से जो गोली मिली है उसकी जांच की जा रही है।
वीडियो में गंभीर/मृत इंस्पेक्टर अकेले थे, उस समय साथी पुलिसकर्मी कहां थे, इसकी एसआईटी जांच होगी।
अभीतक देवेंद्र, चमन, आशीष, सतीश को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सारी जांच एसआईटी के दायरे में हो रही है। जांच के बाद पता चलेगा कि कैसे घटना हुई थी।
एसआईटी की जांच के बाद ही साबित हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन है।
इस मामले पर पूरी जांच की जा रही है।हां, पशु विभाग से सामग्री की भी जांच कराई जाएगी।

पहले ही दर्ज हुई है मामले में दो एफआईआर
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की गई है। घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। जिसमें 27 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मेरठ जोन के एडीजी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 को हिरासत में लिया गया है।

सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि गिरफ्तार लोगों में मुख्य अभियुक्त बजंरग दल का जिला संयोजक योगेश राज भी शामिल है। एक एसआईटी का गठन भी किया गया है जो ये जांच करेगी कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिसकर्मियों ने मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया था। एफआईआर में कई हिंदू संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम आरोपियों में हैं।

इंस्पेक्टर सुबोध की बहन बोली इकलाख हत्याकांड है भाई की हत्या की वजह
शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने इकलाख हत्याकांड को भाई की हत्या की वजह बताया है। उन्होंने कहा मेरा भाई इकलाख केस की जांच कर रहा था और और इसी वजह से उसकी हत्या हुई, यह पुलिस द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उन्हें शहीद का दर्जा देना चाहिए और उनकी याद में एक स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय गाय गाय कहते रहते हैं।

वहीं यूपी सरकार की तरफ से इस बारे में पहली बार बयान आया है। एबीपी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हिंसा में हिंदू संगठनों का नाम लेना जल्दबाजी होगी।

आजम ने दिया ये बयान
बुलंदशहर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर ये पशु वध है तब तो पुलिस को ये भी जांच करनी चाहिए वहां पशुओं के अवशेष कौन लेकर आया, क्योंकि जिस इलाके में हिंसा हुई वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं रहते हैं।

आज सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे?

बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में सोमवार सुबह गोवंश अवशेष मिलने पर पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों में जमकर टकराव हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने चिंगरावठी चौकी के पास सड़क पर जाम लगा दिया। स्याना थाने के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। भीड़ ने चौकी के बाहर खड़े पुलिस के दर्जनों वाहनों में आग लगा दी। चौकी में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस पर ग्रामीणों ने सुबोध कुमार पर हमला बोल दिया। घटना में गोली लगने से कोतवाल सुबोध और एक युवक सुमित की मौत हो गई।

-एजेंसी

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