श्रीनगर में धारा 144 और जम्‍मू में कर्फ़्यू लागू, कई नेता नजरबंद

नई दिल्‍ली। कश्मीर पर जारी हलचलों की ख़बरों के बीच जम्मू-कश्मीर में सोमवार आधी रात से सुरक्षा सख़्त कर दी गई है. श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गई है जबकि जम्मू में कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है.
श्रीनगर में आधी रात से नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती और जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन को उनके घरों में नज़रबंद किया गया है.
इस आदेश के तहत लोगों की किसी तरह की आवाजाही नहीं हो सकेगी और सभी शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे. साथ ही कई शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को होस्टल ख़ाली करने के लिए भी कहा गया है.
श्रीनगर समेत पूरी कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. श्रीनगर से लैंडलाइन फ़ोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है. हालाँकि श्रीनगर में कर्फ़्यू जैसी स्थिति होने के बावजूद कर्फ़्यू लागू नहीं किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अधिकारियों ने बताया है कि पुलिस अधिकारियों और ज़िलाधिकारियों को सैटेलाइट फ़ोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
सोमवार तड़के से जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जम्मू शहर में कर्फ़्यू लगाए जाने का एलान किया जा रहा है.
उधर पाकिस्तान में भी इस्लामाबाद में आज दोपहर दो बजे कश्मीर मामलों की संसदीय समिति की बैठक बुलाई गई है.
कश्मीर की स्थिति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति शुक्रवार को शुरू हुई जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा 14 दिन पहले ही रद्द कर दी और यात्रियों और पर्यटकों को जल्द-से-जल्द घाटी को ख़ाली करने के लिए कह दिया गया.
कश्मीरी नेता नज़रबंद
जम्मू-कश्मीर में रविवार रात को तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के तहत नेशनल कॉन्फ़्रेंस नेता उमर अब्दुल्लाह, पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती और पीपुल्स कॉन्फ़्रेंस नेता सज्जाद लोन को नज़रबंद किया गया.
इसकी जानका उमर अब्दुल्लाह ने ख़ुद एक ट्वीट कर दी जिसमें उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें नज़रबंद किया जा सकता है.
उमर अब्दुल्लाह ने लिखा कि ”उन्हें और अन्य नेताओं को नज़रबंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसकी सच्चाई जानने का कोई तरीका नहीं है.”
वहीं पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने भी एक ट्वीट करके कहा है कि कश्मीर के लिए एकजुट रहेंगे.
महबूबा मुफ़्ती ने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘हालात मुश्किल हैं, लेकिन कोई हमारी प्रतिबद्धता को तोड़ नहीं पाएगा.
सर्वदलीय बैठक
आर्टिकल 35 ए और अनुच्छेद 370 को ख़त्म किए जाने की अटकलों और उससे पैदा हुई आशंकाओं के बीच जम्मू कश्मीर में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रीनगर में रविवार शाम मुलाक़ात करके राज्य को प्राप्त विशेष दर्जे को बचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक कश्मीरी दलों की सर्वदलीय बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने बैठक में पारित प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा, ”सर्वसहमति से ये तय हुआ है कि सभी दल जम्मू कश्मीर और लद्दाख की स्वायत्ता और विशेष दर्जे को बचाने के लिए एकजुट रहेंगे.”
प्रस्ताव में कहा गया है कि आर्टिकल 35ए, अनुच्छेद 370 और अन्य किसी भी तरह की असंवैधानिक कार्यवाही को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों के प्रति आक्रामक रवैया माना जाएगा.
इस सर्वदलीय बैठक में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष सज्जाद लोन, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य दलों के नेता मौजूद थे.
ये बैठक ऐसे समय हुई है जब घाटी में चरमपंथी हमले की आशंका के मद्देनज़र प्रशासन के अलर्ट के बाद अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आनन-फ़ानन में वापसी हो रही है और स्थानीय लोग किसी अफ़वाहों के बीच ज़रूरी चीज़ों का स्टॉक कर रहे हैं.
-BBC

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »