मोदी के ‘मन की बात’ में ‘युविका’ से लेकर ‘हुनर हाट’ और भागीरथी अम्मा तक का जिक्र

नई दिल्‍ली। भारत युवाओं को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने के लिए क्या कर रहा है इसकी जानकारी पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में दी। उन्होंने इसरो के युविका प्रोग्राम के बारे में बताया।
क्या है युविका प्रोग्राम यहां जानें
युविका..जिसकी फुल फॉर्म है ‘युवा विज्ञानी कार्यक्रम’, यह इसरो का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में युवा छुट्टियों के दिनों में स्पेस साइंस, और स्पेस कार्यक्रम के बारे में सीखते हैं इस छुट्टियों के दिनों में स्पेस साइंस, और स्पेस कार्यक्रम के बारे में सीखते हैं।
श्रीहरिकोटा से होने वाली रॉकेट लॉन्चिंग को सामने बैठकर देख सकते हैं। विजिटर गैलरी बनाई गई है। 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। कई स्कूल अपने विद्यार्थियों को रॉकेट लॉन्चिंग दिखाने के लिए ले जा रहा हैं।
पीएम ने कहा, मैं स्कूल के प्रधानाचार्यों से आग्रह करता हूं कि वे छात्रों को ले जाएं।
इस प्रोग्राम का दूसरा सेशन मई 2020 में होगा। इस बार के सेशन में एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 24 फरवरी 2020 है। किन छात्रों का चयन हुआ है, उनका नाम 2 मार्च को बताया जाएगा। सारी प्रक्रिया इसरो की साइट से ऑनलाइन होती है।
गर्मियों की छुट्टियों (मई 11-22, 2020) में यह कार्यक्रम करीब 2 हफ्ते तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध विज्ञानियों के बारे में बताया जाएगा। एक्सपर्ट से बातचीत करवाई जाएगी। प्रैक्टिकल होंगे।
कैसे होता है एडमिशन
इस प्रोग्राम का हिस्सा बनने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 3-3 बच्चों को इसमें लिया जाता है। आठवीं पास बच्चे इसमें जा सकते हैं।
हुनर हाट से लेकर भागीरथी अम्मा तक का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 62वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में हुनर हाट से लेकर भागीरथी अम्मा तक का जिक्र करते हुए कई प्रेरणादायी बातें बताईं। उन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र में 7 हजार मीटर ऊंची चोटी को फतह करने वाली काम्या कार्तिकेयन का जिक्र किया तो 105 वर्षीय भागीरथी अम्मा की अद्भुत कहानी भी बताई।
प्रधानमंत्री अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम में बिहारी लिट्टी-चोखा का स्वाद बताना भी नहीं भूले। उन्होंने दिल्ली के हुनर हाट में खाए लिट्टी-चोखा को बेहद स्वादिष्ट व्यंजन बताया और लोगों से अपील की कि वो हुनर हाट जाकर देशभर से जुटे कलाकारों से जरूर मिलें। आइए, जानते हैं प्रधानमंत्री ने मन की बात में और क्या-क्या कहा…
लेह के एयरपोर्ट से जब AN-32 विमान ने उड़ान भरी तो एक नया इतिहास बन गया। इस उड़ान में 10 फीसदी इंडियन बायो जेट फ्यूल का मिश्रण किया गया। ऐसा पहली बार हुआ जब दोनों इंजनों में इस मिश्रण का इस्तेमाल किया गया। जहां से इस विमान ने उड़ान भरी यह दुनिया के सबसे ऊंचाई पर बसे एयरपोर्ट में से एक है। इस बड़े काम में जुटे सभी लोगों को बधाई देता हूं।
काम्या कार्तिकेयन की उपबल्धि की चर्चा जरूर करूंगा। माउंट एकोनगोवा को फतह करने वाली काम्या को बधाई। दक्षिण अमेरिका में सबसे ऊंची चोटी है यह। 7 हजार मीटर से ऊंची है। काम्या ने सबसे पहले वहां तिरंगा फहराया है। एक और बात पता चली कि काम्या एक और मिशन पर हैं। वो ‘मिशन साहस’ के जरिए सभी महाद्वीपों की सभी ऊंची चोटियों को फतह की कोशिश में जुटी हैं।
105 वर्षीय भागीरथी अम्मा की कहानी अदभुत है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए भीतर का विद्यार्थी कभी मरना नहीं चाहिए। अम्मा यही प्रेरणा देती है। केरल की कोल्लम में रहने वाली भागीरथा अम्मा ने अपना हौसला नहीं खोया, लेवल फोर की परीक्षा में 75% अंक प्राप्त किए। गणित में उन्हें 100 अंक मिले हैं। अम्मा अब और आगे पढ़ना चाहती हैं। भागीरथी अम्मा को प्रणाम करना चाहता हूं।
पूर्णिया की महिलाएं शहतूत के पेड़ पर रेशम के कीड़ों से कोकुन तैयार करती थीं, जिसका उन्हें मामूली दाम मिलता था। उसे खरीदकर उससे रेशम के धागे बनाने वाले लोगों को अच्छी कीमत मिलती थी। बाद में इन महिलाओं ने नई शुरुआत की। इन महिलाओं ने सरकार के सहयोग से शहतूत उत्पादन समूह बनाए। फिर रेशम के धागे बनाए और इन धागों से उन्होंने खुद ही साड़ी बनवाकर बेचना शुरू किया। अब ये साड़िया हजारों में बिक रही हैं।
हुनर हाट में एक छोटी सी जगह में हमारे देश की विशालता, संस्कृति, परंपराओं की विविधिताओं के दर्शन किए। हुनर हाट कला के प्रदर्शन के लिए एक मंच तो है ही, लोगों को रोजगार को भी बढ़ावा दे रहा है। हुनर हाट के पीछे शिल्पकारों की साधना, लगन और हुनर के प्रति प्रेम की कहानियां हैं।
हुनर हाट में बिहार के स्वादिष्ट लिट्ठी-चोखे का आनंद लिया। भरपूर आनंद लिया।
-एजेंसियां

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