हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दोनों मौलवी ISI की हिरासत में

In custody of both cleric ISI of Hazrat Nizamuddin Dargah
हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दोनों मौलवी ISI की हिरासत में

नई दिल्ली। हजरत निजामुद्दीन दरगाह के जो दो मौलवी पाकिस्तान में लापता हो गए हैं, उनके बारे में आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि दोनों मौलवी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की हिरासत में हैं। पाकिस्तान में आधिकारिक सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने आसिफ निजामी और नजीम निजामी को हिरासत में रखा है। बताया जा रहा है कि एजेंसी ने दोनों को किसी अज्ञात स्थान पर रखा है। उन्हें हिरासत में लिए जाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
2 missing #IndianClerics of Delhi’s #HazratNizamuddinDargah are in custody of Pakistan’s intelligence agencies: official sources.
—Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2017
इससे पहले भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी शुक्रवार को दोनों मौलवियों के अपहरण के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने का संकेत दिया था। सुषमा ने कहा था कि दोनों मौलवियों की मेजबानी करने वाले उनके पाकिस्तानी होस्ट दबाव में हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि इन मेजबानों पर पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से बात ना करने का दबाव बनाया जा रहा है। मालूम हो कि भारत ने इन दोनों मौलवियों के गायब होने का मुद्दा उठाया है।
Personnel of an intelligence agency took 2 #IndianClerics into custody & shifted them to undisclosed location: official sources in Pakistan.
—Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2017
सुषमा ने एक ट्वीट में लिखा था, ‘विदेश मंत्रालय ने कराची में इन दोनों भारतीय मौलवियों की मेजबानी करने वाले लोगों से भी संपर्क किया। ऐसा लग रहा था कि उन पर भारतीय उच्चायोग से बात ना करने का दबाव है।’ मालूम हो कि दोनों मौलवी 8 मार्च को पाकिस्तान गए थे। कुछ दिनों पहले कराची के लिए विमान लेते समय वे दोनों लाहौर हवाईअड्डे से गायब हो गए थे। तब से ही वे लापता हैं और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विदेश मंत्री ने इस मामले के पीछे पाकिस्तानी अधिकारियों का हाथ होने की संभावना की ओर से संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय पक्ष यह मान रहा है कि यह कोई साधारण अपहरण का मामला नहीं है। एक अन्य ट्वीट में सुषमा ने बताया कि वह पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के लगातार संपर्क में हैं लेकिन अभी तक दोनों मौलवियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हजरत निजामुद्दीन दरगाह के मुख्य प्रभारी 80 वर्षीय सैयद आसिफ अली निजामी ने बताया, ‘हम इस मसले पर पाकिस्तान सरकार के साथ संपर्क में हैं।’
We have also contacted their host in Karachi who appears to be under pressure not to speak to the Indian High Commission. /3 #Nizamuddin
—Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) March 17, 2017
पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने सुषमा के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया करते हुए लिखा था कि लापता मौलवियों में से एक के साथ पिछले साल दिल्ली में उनकी मुलाकात हुई थी। मेहर ने लिखा कि आमतौर पर पाकिस्तानी सूफी संतों का काफी सम्मान करते हैं। इसका जवाब देते हुए सुषमा ने लिखा, ‘मैं उम्मीद करती हूं पाकिस्तानी सरकार भी आपकी ही तरह महसूस करती है। मैं उम्मीद करती हूं कि आपकी सरकार दोनों भारतीय मौलवियों की तलाश में हमारी मदद करे।’
आसिफ निजामी और निजाम निजामी 8 मार्च को कराची हवाईअड्डे पर उतरे थे। वहां से वे दाता दरबार दरगाह जाने के लिए लाहौर पहुंचे। हजरत निजामुद्दीन दरगाह का दाता दरबार दरगाह के साथ बहुत करीबी रिश्ता है। दाता दरबार ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है। दोनों दरगाहों के मौलवी हर साल एक-दूसरे के यहां जाते हैं। शुक्रवार को जब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता नफीस जकारिया से दोनों लापता भारतीय मौलवियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों मिले या नहीं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जकारिया ने कहा कि पाकिस्तान दोनों मौलवियों की तलाश में जुटा है।
-एजेंसी

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