अयोध्या मामले में निर्मोही अखाड़ा ने की दो और जजों को Mediator बनाने की मांग

नई दिल्‍ली। अयोध्या विवादित भूमि मामले के मूल पक्षकार निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल करके अदालत के उस आदेश में संशोधन की मांग की है, जिसमें केस को Mediator पैनल के हवाले किया गया था।

निर्मोही अखाड़ा ने कहा है कि मध्यस्थता पैनल में सुप्रीम कोर्ट के दो और सेवानिवृत जजों को Mediator panel में शामिल किया जाए ताकि ‘तटस्थ’ मध्यस्थता सुनिश्चित हो सके। आवेदन में यह भी मांग है कि मध्यस्थता की जगह को फैजाबाद से बदल कर बाहर नई दिल्ली या किसी अन्य प्राकृतिक स्थान पर ले जाया जाए। यही नहीं नई जगह पर सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त भी हों।

राम मंदिर / बाबरी मस्जिद भूमि मामले में मध्यस्थता के लिए आमंत्रित किए जा रहे 25 से अधिक दलों को बुलाने पर कहा है कि इसके लिए केवल दावेदार- अखाडा और सुन्नी वक्फ बोर्ड को ही मध्यस्थता का हिस्सा होना चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आठ मार्च को इस मामले में मध्यस्थता के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय मध्यस्थों का पैनल गठित किया था। मध्यस्थता पैनल के सदस्यों में श्रीश्री रविशंकर, श्रीराम पंचू और एफएम कलिफुल्लाह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल को प्रक्रिया पूरी करने के लिए आठ हफ्ते का समय दिया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आठ मार्च को इस मामले में मध्यस्थता के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय Mediator का पैनल गठित किया था। मध्यस्थता पैनल के सदस्यों में श्रीश्री रविशंकर, श्रीराम पंचू और एफएम कलिफुल्लाह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल को प्रक्रिया पूरी करने के लिए आठ हफ्ते का समय दिया है।

याचिका में कहा गया है कि अगर कोई समझौता हो सकता है तो वो निर्मोही अखाडा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच ही हो सकता है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आठ मार्च को इस मामले में मध्यस्थता के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय मध्यस्थों का पैनल गठित किया था। मध्यस्थता पैनल के सदस्यों में श्रीश्री रविशंकर, श्रीराम पंचू और एफएम कलिफुल्लाह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल को प्रक्रिया पूरी करने के लिए आठ हफ्ते का समय दिया है।

-एजेंसी

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